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देवरहा बाबा ने क्या कहा नीम करोली बाबा के बारें में | Devraha Baba Ne Kya Kaha Neem Karoli Baba Ke Bare Mein

नैनीताल के निकट प्रकृति की गोद में बसा एक छोटा सा धाम कैंची धाम जिसकी नींव रखने वाली एक सुप्रसिद्ध विश्वविख्यात संत परम पूज्य श्री नीम करोली बाबा जी थे। नीम करोली बाबा का नाम आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है क्योंकि भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में उनके अनगिनत भक्त है जिन्होंने उनके चमत्कारों को न केवल देखा है बल्कि महसूस भी किया है और आज भी उनकी कृपा के पात्र बने हुए हैं। 

श्री नीम करोली बाबा आज अपने शरीर को त्याग चुके हैं परंतु वो उनका भौतिक स्वरूप था जिसे उन्होंने त्यागा। आज भी नीम करोली बाबा के ऐसे भक्त हैं जो उनकी कृपा का अनुभव अभी भी उनके शरीर त्यागने के पश्चात भी महसूस कर रहे हैं। 
महाराज जी सदैव कहते थे "मैं यही था, यही हूं और यही रहूंगा " नीम करोली बाबा के विषय में तत्कालीन संतों ने बहुत सारी बातें कहीं। किसी ने उनके चमत्कारों का वर्णन किया तो किसी ने उनकी कृपा के प्रसाद के बारे में विस्तार से बताया।  
आज हम आपको यह बताएंगे कि नीम करोली बाबा के विषय में परम पूज्य श्री देवराहा बाबा ने क्या कहा क्योंकि तत्कालीन देवराहा बाबा स्वयं अपने आप में ही एक दिव्य विभूति थे और एक दिव्य विभूति के द्वारा दूसरी दिव्य विभूति के गुणों की व्याख्या सुनना परम सुखदायी होता है जिसे आज हम आपके साथ साझा करने जा रहे हैं। 
साक्षात नारायण मेरे बाबा के बारे मे वो शब्द नही मिलते जिससे महाराज जी के व्यक्तित्व की व्याख्या की जा सके !
(१) देवरहा बाबा जी के अनुसार " नीम करौली जैसे संत कई युगो मे धरती पर आते है। मरे व्यक्ति को प्राण लौटाने की शक्ति नीम करौली जैसे संत के पास ही है। "
(२) शिवानन्द आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द जी बाबा को 
" पावर आफ पावर्स " और""  लाईट आफ लाईटस " कहा करते थे। 
(३) करपात्री महाराज के अनुसार " संत तो कई हुये पर सिद्ध संत नीम करौली बाबा ही हुये।  
Devraha Baba Ne Kya Kaha Neem Karoli Baba Ke Bare Mein
पर सत्य तो ये है की अपने भक्त के लिये तो बाबा भगवान थे। बाबा के दर्शन करने के बाद बाबा के भक्त भगवान् को भी भूल जाते थे क्योकि उन भक्तो को बाबा में ही भगवान् दिखने लग जाते थे। कोई उन्हे भोले बाबा , कोई कम्बल वाले बाबा , कोई हनुमान बाबा , कोई संकट हरने वाले बाबा , कोई जीवन देने वाले बाबा , कहा करते थे।  जिससे जिस रूप मे बाबा मिलते थे , वे बाबा को उसी नाम से पुकारता था। पर हमे तो वो नीम करोली बाबा के रूप मे मिले तो हमे सबसे प्रिय रूप बाबा का ही लगा , जय श्री कैंची धाम की 
जय श्री नीम करोली बाबा की 

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Comments

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    PS: Sry for the abrupt comment (commented here as I couldn't access your contact form)

    ReplyDelete
  2. जय हो बाबा जी की
    बाबा आप की कृपा बनी रहे.....!!

    ReplyDelete

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