हनुमान जी के पांच जादुई मंदिर जय श्री कैंची धाम जय हो नीम करोली बाबा की प्रिय भक्तों आप सभी हनुमान जी जानते हैं की हनुमान जी प्रभु श्री राम के भक्त हैं और भगवान शिव के 11 रुद्र अवतार हैं। हनुमान जी के विषय में पुराणों में लिखा है कि हनुमानजी चिरंजीवी हैं। वह शिव के 11 रुद्र अवतार होने के कारण और माता सीता के आशीर्वाद से चिरंजीवी हैं। हनुमानजी को भक्त शिरोमणि होने की भी उपाधि प्राप्त है क्योंकि उनसे बड़ा भक्त संसार में ना कभी हुआ है और ना होगा। हनुमान जी उठते, सोते, जागते, बैठते केवल राम नाम की धुन में रमे रहते हैं। हनुमान जी परम दयालु और परम कृपालु हैं। वे अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते है। तुलसीदास जी ने हनुमान जी को समर्पित करके उनके लिए हनुमान चालीसा का निर्माण किया था ताकि हनुमान चालीसा का जाप करके उनके भक्त हनुमान जी महाराज को प्रसन्न कर सके और उनकी कृपा को प्राप्त कर सकें। हनुमान जी की कृपा प्राप्त करना अत्यंत सरल है क्योंकि जो राम का नाम जपता है हनुमान जी उस पर अपनी कृपा बनाए रहते हैं। श्री कैंची धाम आश्रम बाबा नीम करौली द्वारा स्थापित है। परम पूज्य श्री न...
विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम Vishnu Sahasranamam Stotram ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः प्रिय भक्तों, विष्णु सहस्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु (नारायण) के एक हजार दिव्य नामों का पवित्र संग्रह है। महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया यह स्तोत्र हिन्दू धर्म के सर्वाधिक प्रभावशाली एवं लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से मानसिक शांति, पापों का नाश, बृहस्पति ग्रह की शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष मार्ग खुलता है। श्रद्धा एवं शुद्ध भाव से किया गया पाठ ही सबसे बड़ा फल देता है। विष्णु सहस्रनाम पाठ के लाभ मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं यश, सुख, ऐश्वर्य, आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति बिगड़े कार्यों में सफलता कुंडली में बृहस्पति के दुष्प्रभाव का शमन भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति सभी ग्रहों एवं नक्षत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पाठ के नियम पाठ से पहले स्नान कर पवित्र रहें सात्विक व्रत रखकर पाठ करें पीले वस्त्र धारण करें भगवान विष्णु की विधिवत पूजा क...