विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम
Vishnu Sahasranamam Stotram
प्रिय भक्तों, विष्णु सहस्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु (नारायण) के एक हजार दिव्य नामों का पवित्र संग्रह है। महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया यह स्तोत्र हिन्दू धर्म के सर्वाधिक प्रभावशाली एवं लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है।
नियमित पाठ से मानसिक शांति, पापों का नाश, बृहस्पति ग्रह की शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष मार्ग खुलता है। श्रद्धा एवं शुद्ध भाव से किया गया पाठ ही सबसे बड़ा फल देता है।
विष्णु सहस्रनाम पाठ के लाभ
- मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं
- यश, सुख, ऐश्वर्य, आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति
- बिगड़े कार्यों में सफलता
- कुंडली में बृहस्पति के दुष्प्रभाव का शमन
- भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति
- सभी ग्रहों एवं नक्षत्रों पर सकारात्मक प्रभाव
पाठ के नियम
- पाठ से पहले स्नान कर पवित्र रहें
- सात्विक व्रत रखकर पाठ करें
- पीले वस्त्र धारण करें
- भगवान विष्णु की विधिवत पूजा कर गुड़ या पीली मिठाई अर्पित करें
- पाठ के दौरान किसी अन्य कार्य में मन न लगाएँ
भगवान विष्णु के 1000 नाम (107 श्लोक)
निष्कर्ष
विष्णु सहस्रनाम केवल नामों की सूची नहीं, बल्कि परमात्मा की अनन्त शक्ति का साक्षात् अनुभव है। यह स्तोत्र मानसिक शांति, ग्रह दोष निवारण और मोक्ष मार्ग का अचूक साधन है।
श्री कैंची धाम परिवार का प्रयास है कि आप इन दिव्य श्लोकों को शुद्ध भाव से पढ़ें और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करें।
विस्तृत अर्थ सहित संस्करण
नाम-नाम का विस्तृत अर्थ एवं व्याख्या वाला पारंपरिक संस्करण (PDF) नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड करें।
(नोट: मूल PDF-to-HTML फ़ाइल बहुत बड़ी एवं फ़ॉन्ट-निर्भर होने के कारण सीधे एम्बेड नहीं की गई है। इससे पेज स्पीड एवं मोबाइल अनुभव बेहतर रहता है।)
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ReplyDeleteश्री हरि ।।
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