विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम
Vishnu Sahasranamam Stotram
प्रिय भक्तों, विष्णु सहस्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु (नारायण) के एक हजार दिव्य नामों का पवित्र संग्रह है। महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया यह स्तोत्र हिन्दू धर्म के सर्वाधिक प्रभावशाली एवं लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है।
नियमित पाठ से मानसिक शांति, पापों का नाश, बृहस्पति ग्रह की शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष मार्ग खुलता है। श्रद्धा एवं शुद्ध भाव से किया गया पाठ ही सबसे बड़ा फल देता है।
विष्णु सहस्रनाम पाठ के लाभ
- मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं
- यश, सुख, ऐश्वर्य, आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति
- बिगड़े कार्यों में सफलता
- कुंडली में बृहस्पति के दुष्प्रभाव का शमन
- भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति
- सभी ग्रहों एवं नक्षत्रों पर सकारात्मक प्रभाव
पाठ के नियम
- पाठ से पहले स्नान कर पवित्र रहें
- सात्विक व्रत रखकर पाठ करें
- पीले वस्त्र धारण करें
- भगवान विष्णु की विधिवत पूजा कर गुड़ या पीली मिठाई अर्पित करें
- पाठ के दौरान किसी अन्य कार्य में मन न लगाएँ
भगवान विष्णु के 1000 नाम (107 श्लोक)
विष्णु भगवान के 1000 नाम अर्थ सहित
भगवान विष्णु के एक हजार दिव्य नामों का विस्तृत हिंदी अर्थ
| क्र.सं. | संस्कृत नाम | हिंदी अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | विश्वम् | जो स्वयं ब्रह्मांड और संपूर्ण जगत का रूप हैं। |
| 2 | विष्णुः | जो सर्वव्यापी हैं। |
| 3 | वषट्कारः | जिनके निमित्त यज्ञ में ‘वषट्’ कहा जाता है। |
| 4 | भूतभव्यभवत्प्रभुः | भूत, वर्तमान और भविष्य के स्वामी। |
| 5 | भूतकृत् | समस्त प्राणियों की रचना करने वाले। |
| 6 | भूतभृत् | सभी जीवों का भरण-पोषण करने वाले। |
| 7 | भावः | शुद्ध अस्तित्व रूप। |
| 8 | भूतात्मा | समस्त प्राणियों की अंतरात्मा। |
| 9 | भूतभावनः | जीवों की उत्पत्ति करने वाले। |
| 10 | पूतात्मा | परम पवित्र आत्मा। |
| 11 | परमात्मा | सर्वोच्च आत्मा। |
| 12 | मुक्तानां परमा गतिः | मुक्त पुरुषों का परम गंतव्य। |
| 13 | अव्ययः | अविनाशी। |
| 14 | पुरुषः | ब्रह्मांड में शयन करने वाले। |
| 15 | साक्षी | सब कुछ देखने वाले। |
| 16 | क्षेत्रज्ञः | शरीर रूपी क्षेत्र को जानने वाले। |
| 17 | अक्षरः | अविनाशी। |
| 18 | योगः | योग स्वरूप। |
| 19 | योगविदां नेता | योगियों के नेता। |
| 20 | प्रधानपुरुषेश्वरः | प्रकृति और पुरुष के ईश्वर। |
| 21 | नारसिंहवपुः | नर-सिंह रूप वाले। |
| 22 | श्रीमान् | लक्ष्मीयुक्त। |
| 23 | केशवः | सुंदर केश वाले। |
| 24 | पुरुषोत्तमः | सर्वश्रेष्ठ पुरुष। |
| 25 | सर्वः | सब कुछ। |
| 26 | शर्वः | संहार करने वाले। |
| 27 | शिवः | कल्याणकारी। |
| 28 | स्थाणुः | अचल। |
| 29 | भूतादिः | भूतों के आदि कारण। |
| 30 | निधिरव्ययः | अक्षय निधि। |
| 31 | सम्भवः | अवतार लेने वाले। |
| 32 | भावनः | उत्पन्न करने वाले। |
| 33 | भर्ता | पोषण करने वाले। |
| 34 | प्रभवः | दिव्य उत्पत्ति वाले। |
| 35 | प्रभुः | सर्वसमर्थ। |
| 36 | ईश्वरः | ईश्वर। |
| 37 | स्वयम्भूः | स्वयं सिद्ध। |
| 38 | शम्भुः | कल्याण उत्पन्न करने वाले। |
| 39 | आदित्यः | सूर्य स्वरूप। |
| 40 | पुष्कराक्षः | कमलनेत्र। |
| 41 | महास्वनः | गंभीर वाणी वाले। |
| 42 | अनादिनिधनः | अनादि-अनंत। |
| 43 | धाता | धारण करने वाले। |
| 44 | विधाता | विधाता। |
| 45 | धातुरुत्तमः | धातुओं में श्रेष्ठ। |
| 46 | अप्रमेयः | अप्रमेय। |
| 47 | हृषीकेशः | इन्द्रियों के स्वामी। |
| 48 | पद्मनाभः | पद्मनाभ। |
| 49 | अमरप्रभुः | अमरों के प्रभु। |
| 50 | विश्वकर्मा | विश्व के कर्ता। |
| 51 | मनुः | मनन करने वाले। |
| 52 | त्वष्टा | निर्माण करने वाले। |
| 53 | स्थविष्ठः | अत्यंत विशाल। |
| 54 | स्थविरः | प्राचीन। |
| 55 | ध्रुवः | ध्रुव। |
| 56 | अग्राह्यः | ग्रहण न किए जा सकने वाले। |
| 57 | शाश्वतः | शाश्वत। |
| 58 | कृष्णः | कृष्ण। |
| 59 | लोहिताक्षः | लाल नेत्र वाले। |
| 60 | प्रतर्दनः | विनाश करने वाले। |
| 61 | प्रभूतः | प्रभूत। |
| 62 | त्रिककुब्धाम | तीनों लोकों के धाम। |
| 63 | पवित्रम् | पवित्र। |
| 64 | मङ्गलं परम् | परम मंगल। |
| 65 | ईशानः | ईशान। |
| 66 | प्राणदः | प्राण देने वाले। |
| 67 | प्राणः | प्राण। |
| 68 | ज्येष्ठः | ज्येष्ठ। |
| 69 | श्रेष्ठः | श्रेष्ठ। |
| 70 | प्रजापतिः | प्रजापति। |
| 71 | हिरण्यगर्भः | हिरण्यगर्भ। |
| 72 | भूगर्भः | पृथ्वी के गर्भ में स्थित। |
| 73 | माधवः | माधव। |
| 74 | मधुसूदनः | मधु असुर के हंता। |
| 75 | ईश्वरः | ईश्वर। |
| 76 | विक्रमी | पराक्रमी। |
| 77 | धन्वी | धनुर्धारी। |
| 78 | मेधावी | मेधावी। |
| 79 | विक्रमः | विक्रम। |
| 80 | क्रमः | क्रम। |
| 81 | अनुत्तमः | अनुत्तम। |
| 82 | दुराधर्षः | दुराधर्ष। |
| 83 | कृतज्ञः | कृतज्ञ। |
| 84 | कृतिः | कृति। |
| 85 | आत्मवान् | आत्मवान्। |
| 86 | सुरेशः | देवताओं के ईश्वर। |
| 87 | शरणम् | शरण। |
| 88 | शर्म | सुख। |
| 89 | विश्वरेताः | विश्व के रेतस्। |
| 90 | प्रजाभवः | प्रजा की उत्पत्ति। |
| 91 | अहः | दिन। |
| 92 | संवत्सरः | संवत्सर। |
| 93 | व्यालः | व्याल। |
| 94 | प्रत्ययः | प्रत्यय। |
| 95 | सर्वदर्शनः | सब कुछ देखने वाले। |
| 96 | अजः | अजन्मा। |
| 97 | सर्वेश्वरः | सबके ईश्वर। |
| 98 | सिद्धः | सिद्ध। |
| 99 | सिद्धिः | सिद्धि। |
| 100 | सर्वादिः | सबके आदि। |
| 101 | अच्युतः | जो कभी च्युत नहीं होते, अटल। |
| 102 | वृषाकपिः | धर्म रूपी कपि (वानर) वाले। |
| 103 | अमेयात्मा | अपरिमेय आत्मा वाले। |
| 104 | सर्वयोगविनिःसृतः | सभी योगों से परे। |
| 105 | वसुः | सभी प्राणियों में निवास करने वाले। |
| 106 | वसुमनाः | उत्तम मन वाले। |
| 107 | सत्यः | सत्य स्वरूप। |
| 108 | समात्मा | सभी में समान आत्मा। |
| 109 | सम्मितः | सभी से समान। |
| 110 | समः | समभाव वाले। |
| 111 | अमोघः | जिनका संकल्प कभी व्यर्थ नहीं जाता। |
| 112 | पुण्डरीकाक्षः | कमलनेत्र। |
| 113 | वृषकर्मा | धर्म कर्म करने वाले। |
| 114 | वृषाकृतिः | धर्म की मूर्ति। |
| 115 | रुद्रः | दुःखों को दूर करने वाले। |
| 116 | बहुशिराः | अनेक सिर वाले। |
| 117 | बभ्रुः | संसार का भार उठाने वाले। |
| 118 | विश्वयोनिः | विश्व की उत्पत्ति का कारण। |
| 119 | शुचिश्रवाः | पवित्र कीर्ति वाले। |
| 120 | अमृतः | अमर। |
| 121 | शाश्वतस्थाणुः | नित्य और स्थिर। |
| 122 | वरारोहः | उत्कृष्ट आश्रय। |
| 123 | महातपाः | महान तप वाले। |
| 124 | सर्वगः | सर्वत्र व्याप्त। |
| 125 | सर्वविद्भानुः | सब कुछ जानने वाले प्रकाशमान। |
| 126 | विष्वक्सेनः | जिनकी सेना सर्वत्र विजयी है। |
| 127 | जनार्दनः | जनों के कष्ट हरने वाले। |
| 128 | वेदः | वेद स्वरूप। |
| 129 | वेदविद् | वेदों के ज्ञाता। |
| 130 | अव्यंगः | पूर्ण अंग वाले। |
| 131 | वेदांगः | वेद जिनके अंग हैं। |
| 132 | वेदवित् | वेदों के वास्तविक अर्थ के ज्ञाता। |
| 133 | कविः | त्रिकालदर्शी। |
| 134 | लोकाध्यक्षः | लोकों के अध्यक्ष। |
| 135 | सुराध्यक्षः | देवताओं के अध्यक्ष। |
| 136 | धर्माध्यक्षः | धर्म के अध्यक्ष। |
| 137 | कृताकृतः | कृत और अकृत दोनों। |
| 138 | चतुरात्मा | चार रूपों वाले। |
| 139 | चतुर्व्यूहः | चार व्यूह वाले। |
| 140 | चतुर्दंष्ट्रः | चार दांतों वाले। |
| 141 | चतुर्भुजः | चार भुजाओं वाले। |
| 142 | भ्राजिष्णुः | प्रकाशमान। |
| 143 | भोजनम् | भोग्य वस्तु। |
| 144 | भोक्ता | भोक्ता। |
| 145 | सहिष्णुः | सहनशील। |
| 146 | जगदादिजः | जगत के आदि में उत्पन्न। |
| 147 | अनघः | निष्पाप। |
| 148 | विजयः | विजयी। |
| 149 | जेता | जीतने वाले। |
| 150 | विश्वयोनिः | विश्व की योनि। |
| 151 | पुनर्वसुः | बार-बार शरीर में निवास करने वाले। |
| 152 | उपेन्द्रः | इन्द्र के अनुज। |
| 153 | वामनः | वामन रूप। |
| 154 | प्रांशुः | विशाल। |
| 155 | अमोघः | अमोघ। |
| 156 | शुचिः | पवित्र। |
| 157 | ऊर्जितः | शक्तिशाली। |
| 158 | अतीन्द्रः | इन्द्र से भी श्रेष्ठ। |
| 159 | संग्रहः | संग्रह करने वाले। |
| 160 | सर्गः | सृष्टि। |
| 161 | धृतात्मा | आत्मा को धारण करने वाले। |
| 162 | नियमः | नियम। |
| 163 | यमः | यम। |
| 164 | वेद्यः | जानने योग्य। |
| 165 | वैद्यः | वैद्य। |
| 166 | सदायोगी | सदा योगी। |
| 167 | वीरहा | वीरों के हंता। |
| 168 | माधवः | माधव। |
| 169 | मधुः | मधु। |
| 170 | अतीन्द्रियः | इन्द्रियों से परे। |
| 171 | महामायः | महान माया वाले। |
| 172 | महोत्साहः | महान उत्साह वाले। |
| 173 | महाबलः | महान बल वाले। |
| 174 | महाबुद्धिः | महान बुद्धि वाले। |
| 175 | महावीर्यः | महान वीर्य वाले। |
| 176 | महाशक्तिः | महान शक्ति वाले। |
| 177 | महाद्युतिः | महान द्युति वाले। |
| 178 | अनिर्देश्यवपुः | अनिर्देश्य शरीर वाले। |
| 179 | श्रीमान् | श्रीमान्। |
| 180 | अमेयात्मा | अमेय आत्मा वाले। |
| 181 | महाद्रिधृक् | बड़े पर्वतों को धारण करने वाले। |
| 182 | महेष्वासः | महान धनुर्धारी। |
| 183 | महीभर्ता | पृथ्वी के भर्ता। |
| 184 | श्रीनिवासः | लक्ष्मी के निवास स्थान। |
| 185 | सतां गतिः | सज्जनों की गति। |
| 186 | अनिरुद्धः | अनिरुद्ध। |
| 187 | सुरानन्दः | देवताओं को आनंद देने वाले। |
| 188 | गोविन्दः | गोविन्द। |
| 189 | गोविदां पतिः | वेदज्ञों के पति। |
| 190 | मरीचिः | मरीचि। |
| 191 | दमनः | दमन करने वाले। |
| 192 | हंसः | हंस। |
| 193 | सुपर्णः | सुंदर पंख वाले। |
| 194 | भुजगोत्तमः | सर्पों में उत्तम। |
| 195 | हिरण्यनाभः | स्वर्ण नाभि वाले। |
| 196 | सुतपाः | उत्तम तप वाले। |
| 197 | पद्मनाभः | पद्मनाभ। |
| 198 | प्रजापतिः | प्रजापति। |
| 199 | अमृत्युः | मृत्यु से रहित। |
| 200 | सर्वदृक् | सब कुछ देखने वाले। |
| 201 | सिंहः | सिंह। |
| 202 | सन्धाता | संधान करने वाले। |
| 203 | सन्धिमान् | संधि वाले। |
| 204 | स्थिरः | स्थिर। |
| 205 | अजः | अज। |
| 206 | दुर्मर्षणः | दुर्मर्षण। |
| 207 | शास्ता | शास्ता। |
| 208 | विश्रुतात्मा | प्रसिद्ध आत्मा वाले। |
| 209 | सुरारिहा | देवताओं के शत्रुओं के हंता। |
| 210 | गुरुः | गुरु। |
| 211 | गुरुतमः | सबसे बड़े गुरु। |
| 212 | धाम | धाम। |
| 213 | सत्यः | सत्य। |
| 214 | सत्यपराक्रमः | सत्य पराक्रम वाले। |
| 215 | निमिषः | निमिष। |
| 216 | अनिमिषः | अनिमिष। |
| 217 | स्रग्वी | माला धारण करने वाले। |
| 218 | वाचस्पतिः | वाणी के पति। |
| 219 | उदारधीः | उदार बुद्धि वाले। |
| 220 | अग्रणीः | अग्रणी। |
| 221 | ग्रामणीः | ग्रामणी। |
| 222 | श्रीमान् | श्रीमान्। |
| 223 | न्यायः | न्याय। |
| 224 | नेता | नेता। |
| 225 | समीरणः | वायु। |
| 226 | सहस्रमूर्धा | हजार सिर वाले। |
| 227 | विश्वात्मा | विश्व की आत्मा। |
| 228 | सहस्राक्षः | हजार नेत्र वाले। |
| 229 | सहस्रपात् | हजार पैर वाले। |
| 230 | आवर्तनः | आवर्तन करने वाले। |
| 231 | निवृत्तात्मा | निवृत्त आत्मा वाले। |
| 232 | संवृतः | संवृत। |
| 233 | संप्रमर्दनः | संप्रमर्दन करने वाले। |
| 234 | अहः | अहः। |
| 235 | संवर्तकः | संवर्तक। |
| 236 | वह्निः | अग्नि। |
| 237 | अनिलः | वायु। |
| 238 | धरणीधरः | पृथ्वी को धारण करने वाले। |
| 239 | सुप्रसादः | सुप्रसन्न। |
| 240 | प्रसन्नात्मा | प्रसन्न आत्मा वाले। |
| 241 | विश्वधृक् | विश्व को धारण करने वाले। |
| 242 | विश्वभुक् | विश्व का भोग करने वाले। |
| 243 | विभुः | विभु। |
| 244 | सत्कर्ता | सत्कार्य करने वाले। |
| 245 | सत्कृतः | सत्कृत। |
| 246 | साधुः | साधु। |
| 247 | जह्नुः | जह्नु। |
| 248 | नारायणः | नारायण। |
| 249 | नरः | नर। |
| 250 | असंख्येयः | असंख्य। |
| क्र.सं. | संस्कृत नाम | हिंदी अर्थ |
|---|---|---|
| 251 | अप्रमेयात्मा | अपरिमेय आत्मा वाले। |
| 252 | विशिष्टः | विशिष्ट। |
| 253 | शिष्टकृत् | शिष्ट आचरण कराने वाले। |
| 254 | शुचिः | पवित्र। |
| 255 | सिद्धार्थः | जिनकी सभी कामनाएं पूर्ण हैं। |
| 256 | सिद्धसंकल्पः | जिनका संकल्प सिद्ध होता है। |
| 257 | सिद्धिदः | सिद्धि देने वाले। |
| 258 | सिद्धिसाधनः | सिद्धि के साधन। |
| 259 | वृषाही | धर्म की वर्षा करने वाले। |
| 260 | वृषभः | वृषभ (धर्म का प्रतीक)। |
| 261 | विष्णुः | विष्णु। |
| 262 | वृषपर्वा | धर्म रूपी सीढ़ियाँ वाले। |
| 263 | वृषोदरः | धर्म को पेट में धारण करने वाले। |
| 264 | वर्धनः | वृद्धि करने वाले। |
| 265 | वर्धमानः | बढ़ने वाले। |
| 266 | विविक्तः | विविक्त। |
| 267 | श्रुतिसागरः | वेदों के सागर। |
| 268 | सुभुजः | सुंदर भुजाओं वाले। |
| 269 | दुर्धरः | दुर्धर। |
| 270 | वाग्मी | वाग्मी। |
| 271 | महेंद्रः | महान इंद्र। |
| 272 | वसुदः | धन देने वाले। |
| 273 | वसुः | वसु। |
| 274 | नैकरूपः | अनेक रूप वाले। |
| 275 | बृहद्रूपः | विशाल रूप वाले। |
| 276 | शिपिविष्टः | किरणों में व्याप्त। |
| 277 | प्रकाशनः | प्रकाश करने वाले। |
| 278 | ओजस्तेजोद्युतिधरः | ओज, तेज और द्युति धारण करने वाले। |
| 279 | प्रकाशात्मा | प्रकाश स्वरूप आत्मा। |
| 280 | प्रतापनः | प्रताप वाले। |
| 281 | ऋद्धः | समृद्ध। |
| 282 | स्पष्टाक्षरः | स्पष्ट अक्षर वाले। |
| 283 | मन्त्रः | मन्त्र स्वरूप। |
| 284 | चन्द्रांशुः | चंद्र किरणों जैसे। |
| 285 | भaskarद्युतिः | सूर्य के समान द्युति वाले। |
| 286 | अमृतांशोद्भवः | अमृत अंश से उत्पन्न। |
| 287 | भानुः | भानु (सूर्य)। |
| 288 | शशबिन्दुः | चंद्रमा। |
| 289 | सुरेश्वरः | देवताओं के ईश्वर। |
| 290 | औषधम् | औषधि। |
| 291 | जगतः सेतुः | जगत का सेतु। |
| 292 | सत्यधर्मपराक्रमः | सत्य और धर्म में पराक्रम वाले। |
| 293 | भूतभव्यभवन्नाथः | भूत-भविष्य-वर्तमान के नाथ। |
| 294 | पवनः | पवन। |
| 295 | पावनः | पवित्र करने वाले। |
| 296 | अनलः | अग्नि। |
| 297 | कामहा | कामनाओं को हरने वाले। |
| 298 | कामकृत् | कामनाओं को पूर्ण करने वाले। |
| 299 | कान्तः | कान्त। |
| 300 | कामः | काम। |
| 301 | कामप्रदः | कामनाएं देने वाले। |
| 302 | प्रभुः | प्रभु। |
| 303 | युगादिकृत् | युगों के आदि करने वाले। |
| 304 | युगावर्तः | युगों को घुमाने वाले। |
| 305 | नैकमायः | अनेक माया वाले। |
| 306 | महाशनः | महान भोक्ता। |
| 307 | अदृश्यः | अदृश्य। |
| 308 | व्यक्तरूपः | व्यक्त रूप वाले। |
| 309 | सहस्रजित् | हजारों को जीतने वाले। |
| 310 | अनन्तजित् | अनंत को जीतने वाले। |
| 311 | इष्टः | इष्ट। |
| 312 | विशिष्टः | विशिष्ट। |
| 313 | शिष्टेष्टः | शिष्टों के प्रिय। |
| 314 | शिखण्डी | शिखण्डी। |
| 315 | नहुषः | नहुष। |
| 316 | वृषः | वृष। |
| 317 | क्रोधी | क्रोधी। |
| 318 | क्रोधनः | क्रोध करने वाले। |
| 319 | विश्वबाहुः | विश्व भुजाओं वाले। |
| 320 | महीधरः | पृथ्वी को धारण करने वाले। |
| 321 | अच्युतः | अच्युत। |
| 322 | प्रथितः | प्रसिद्ध। |
| 323 | प्राणः | प्राण। |
| 324 | प्राणदः | प्राण देने वाले। |
| 325 | वासवानुजः | इन्द्र के छोटे भाई। |
| 326 | अपांनिधिः | जल का निधि। |
| 327 | अधिष्ठानम् | अधिष्ठान। |
| 328 | अप्रमत्तः | अप्रमत्त। |
| 329 | प्रतिष्ठितः | प्रतिष्ठित। |
| 330 | स्कन्दः | स्कन्द। |
| 331 | स्कन्दधरः | स्कन्द को धारण करने वाले। |
| 332 | धुर्यः | धुर्य। |
| 333 | वरदः | वर देने वाले। |
| 334 | वायुवाहनः | वायु को वाहन बनाने वाले। |
| 335 | वासुदेवः | वासुदेव। |
| 336 | बृहद्भानुः | विशाल किरणों वाले। |
| 337 | आदिदेवः | आदि देव। |
| 338 | पुरंदरः | पुरों को तोड़ने वाले। |
| 339 | अशोकः | शोक रहित। |
| 340 | तारणः | तारने वाले। |
| 341 | तारः | तार। |
| 342 | शूरः | शूर। |
| 343 | शौरिः | शौरि। |
| 344 | जनेश्वरः | जनों के ईश्वर। |
| 345 | अनुकूलः | अनुकूल। |
| 346 | शतावर्तः | सैकड़ों आवर्तन वाले। |
| 347 | पद्मी | पद्म धारण करने वाले। |
| 348 | पद्मनिभेक्षणः | कमल जैसे नेत्र वाले। |
| 349 | पद्मनाभः | पद्मनाभ। |
| 350 | अरविन्दाक्षः | कमल नेत्र वाले। |
| 351 | पद्मगर्भः | पद्मगर्भ। |
| 352 | शरीरभृत् | शरीर को धारण करने वाले। |
| 353 | महर्द्धिः | महान ऋद्धि वाले। |
| 354 | ऋद्धः | ऋद्ध। |
| 355 | वृद्धात्मा | वृद्ध आत्मा वाले। |
| 356 | महाक्षः | महान नेत्र वाले। |
| 357 | गरुडध्वजः | गरुड़ ध्वज वाले। |
| 358 | अतुलः | अतुलनीय। |
| 359 | शरभः | शरभ। |
| 360 | भीमः | भीम। |
| 361 | समयज्ञः | समय के ज्ञाता। |
| 362 | हविर्हरिः | हवि को ग्रहण करने वाले हरि। |
| 363 | सर्वलक्षणलक्षण्यः | सभी लक्षणों से युक्त। |
| 364 | लक्ष्मीवान् | लक्ष्मीवान्। |
| 365 | समितिञ्जयः | संग्राम में विजयी। |
| 366 | विक्षरः | विक्षर। |
| 367 | रोहितः | रोहित। |
| 368 | मार्गः | मार्ग। |
| 369 | हेतुः | हेतु। |
| 370 | दामोदरः | दामोदर। |
| 371 | सहः | सहनशील। |
| 372 | महीधरः | पृथ्वी धारण करने वाले। |
| 373 | महाभागः | महाभाग्यशाली। |
| 374 | वेगवान् | वेगवान्। |
| 375 | अमिताशनः | अमित भोजन करने वाले। |
| 376 | उद्भवः | उद्भव। |
| 377 | क्षोभणः | क्षोभण। |
| 378 | देवः | देव। |
| 379 | श्रीगर्भः | श्रीगर्भ। |
| 380 | परमेश्वरः | परमेश्वर। |
| 381 | करणम् | करण। |
| 382 | कारणम् | कारण। |
| 383 | कर्ता | कर्ता। |
| 384 | विकर्ता | विकर्ता। |
| 385 | गहनः | गहन। |
| 386 | गुहः | गुह। |
| 387 | व्यवसायः | व्यवसाय। |
| 388 | व्यवस्थानः | व्यवस्थान। |
| 389 | संस्थानः | संस्थान। |
| 390 | स्थानदः | स्थान देने वाले। |
| 391 | ध्रुवः | ध्रुव। |
| 392 | परर्द्धिः | परम ऋद्धि वाले। |
| 393 | परमस्पष्टः | परम स्पष्ट। |
| 394 | तुष्टः | तुष्ट। |
| 395 | पुष्टः | पुष्ट। |
| 396 | शुभेक्षणः | शुभ नेत्र वाले। |
| 397 | रामो विरामो विरजो मार्गः नेता नादनयः | राम, विराम, विरज, मार्ग, नेता, नादनय। |
| 398 | वीरः | वीर। |
| 399 | शक्तिमतां श्रेष्ठः | शक्तिमानों में श्रेष्ठ। |
| 400 | धर्मः | धर्म। |
| 401 | धर्मविदुत्तमः | धर्मविदों में उत्तम। |
| 402 | वैकुण्ठः | वैकुण्ठ। |
| 403 | पुरुषः | पुरुष। |
| 404 | प्राणः | प्राण। |
| 405 | प्राणदः | प्राणद। |
| 406 | प्रणवः | प्रणव (ॐ)। |
| 407 | पृथुः | पृथु। |
| 408 | हिरण्यगर्भः | हिरण्यगर्भ। |
| 409 | शत्रुघ्नः | शत्रुओं के हंता। |
| 410 | व्याप्तः | व्याप्त। |
| 411 | वायुः | वायु। |
| 412 | अधोक्षजः | अधोक्षज। |
| 413 | ऋतुः | ऋतु। |
| 414 | सुदर्शनः | सुदर्शन। |
| 415 | कालः | काल। |
| 416 | परमेष्ठी | परमेष्ठी। |
| 417 | परिग्रहः | परिग्रह। |
| 418 | उग्रः | उग्र। |
| 419 | संवत्सरः | संवत्सर। |
| 420 | दक्षः | दक्ष। |
| 421 | विश्रामः | विश्राम। |
| 422 | विश्वदक्षिणः | विश्व दक्षिणा वाले। |
| 423 | विस्तारः | विस्तार। |
| 424 | स्थावरस्थाणुः | स्थावर और स्थाणु। |
| 425 | प्रमाणम् | प्रमाण। |
| 426 | बीजम् अव्ययम् | अव्यय बीज। |
| 427 | अर्थः | अर्थ। |
| 428 | अनर्थः | अनर्थ रहित। |
| 429 | महाकोशः | महान कोश वाले। |
| 430 | महाभोगः | महान भोग वाले। |
| 431 | महाधनः | महान धन वाले। |
| 432 | अनिर्विण्णः | अनिर्विण्ण। |
| 433 | स्थविष्ठः | स्थविष्ठ। |
| 434 | अभूः | अभू। |
| 435 | धर्मयूपः | धर्म रूपी यूप। |
| 436 | महामखः | महान यज्ञ। |
| 437 | नक्षत्रनेमिः | नक्षत्रों की नेमि। |
| 438 | नक्षत्री | नक्षत्री। |
| 439 | क्षमः | क्षमाशील। |
| 440 | क्षामाः | क्षाम। |
| 441 | समीहनः | समीहन। |
| 442 | यज्ञः | यज्ञ। |
| 443 | इज्यः | इज्य। |
| 444 | महेज्यः | महान इज्य। |
| 445 | क्रतुः | क्रतु। |
| 446 | सत्रम् | सत्र। |
| 447 | सतां गतिः | सज्जनों की गति। |
| 448 | सर्वदर्शी | सब कुछ देखने वाले। |
| 449 | विमुक्तात्मा | विमुक्त आत्मा। |
| 450 | सर्वज्ञः | सर्वज्ञ। |
| 451 | ज्ञानमुत्तमम् | उत्तम ज्ञान। |
| 452 | सुव्रतः | उत्तम व्रत वाले। |
| 453 | सुमुखः | सुंदर मुख वाले। |
| 454 | सूक्ष्मः | सूक्ष्म। |
| 455 | सुघोषः | सुंदर घोष वाले। |
| 456 | सुखदः | सुख देने वाले। |
| 457 | सुहृत् | सच्चा मित्र। |
| 458 | मनोहरः | मन को हरने वाले। |
| 459 | जित्क्रोधः | क्रोध को जीतने वाले। |
| 460 | वीरबाहुः | वीर भुजाओं वाले। |
| 461 | विदारणः | विदारण करने वाले। |
| 462 | स्वापनः | सुला देने वाले। |
| 463 | स्ववशः | स्वतंत्र। |
| 464 | व्यापी | व्यापी। |
| 465 | नैकात्मा | अनेक आत्माओं वाले। |
| 466 | नैककर्मकृत् | अनेक कर्म करने वाले। |
| 467 | वत्सलः | वत्सल। |
| 468 | वत्सलायः | वत्सलाय। |
| 469 | रत्नगर्भः | रत्नगर्भ। |
| 470 | धनेश्वरः | धन के ईश्वर। |
| 471 | धर्मगुप् | धर्म की रक्षा करने वाले। |
| 472 | धर्मकृत् | धर्म करने वाले। |
| 473 | धर्मी | धर्मी। |
| 474 | सत् | सत्। |
| 475 | असत् | असत्। |
| 476 | क्षरम् | क्षर। |
| 477 | अक्षरम् | अक्षर। |
| 478 | अविज्ञाता | अविज्ञाता। |
| 479 | सहस्रांशुः | हजार किरणों वाले। |
| 480 | विधाता | विधाता। |
| 481 | कृतलक्षणः | लक्षणों से युक्त। |
| 482 | गभस्तिनेमिः | किरणों की नेमि वाले। |
| 483 | सत्त्वस्थः | सत्त्व में स्थित। |
| 484 | सिंहः | सिंह। |
| 485 | भूतमहेश्वरः | भूतों के महेश्वर। |
| 486 | आदिदेवः | आदि देव। |
| 487 | महादेवः | महादेव। |
| 488 | देवेशः | देवों के ईश। |
| 489 | देवभृद्गुरुः | देवों के गुरु। |
| 490 | उत्तरः | उत्तर। |
| 491 | गोपतिः | गोपति। |
| 492 | गोप्ता | गोप्ता। |
| 493 | ज्ञानगम्यः | ज्ञान से गम्य। |
| 494 | पुरातनः | पुरातन। |
| 495 | शरीरभूतभृत् | शरीर और भूतों को धारण करने वाले। |
| 496 | भोक्ता | भोक्ता। |
| 497 | कपीन्द्रः | वानरों के इंद्र (हनुमान रूप)। |
| 498 | भूरिदक्षिणः | बहुत दक्षिणा वाले। |
| 499 | सोमपः | सोमपान करने वाले। |
| 500 | अमृतपः | अमृतपान करने वाले। |
| क्र.सं. | संस्कृत नाम | हिंदी अर्थ |
|---|---|---|
| 501 | सोमः | सोम। |
| 502 | पुरुजित् | बहुतों को जीतने वाले। |
| 503 | पुरुसत्तमः | पुरुषों में उत्तम। |
| 504 | विनयः | विनय। |
| 505 | जयः | जय। |
| 506 | सत्यसन्धः | सत्यप्रतिज्ञ। |
| 507 | दाशार्हः | दाशार्ह (यादव)। |
| 508 | सात्त्वतां पतिः | सात्त्वतों के स्वामी। |
| 509 | जीवः | जीव। |
| 510 | विनयितासाक्षी | विनय का साक्षी। |
| 511 | मुकुन्दः | मुक्ति देने वाले। |
| 512 | अमितविक्रमः | अमित पराक्रम वाले। |
| 513 | अम्भोनिधिः | समुद्र। |
| 514 | अनन्तात्मा | अनंत आत्मा। |
| 515 | महोदधिशयः | महासागर में शयन करने वाले। |
| 516 | अन्तकः | अंत करने वाले। |
| 517 | अजः | अज। |
| 518 | महार्हः | महान पूज्य। |
| 519 | स्वाभाव्यः | स्वाभाविक। |
| 520 | जितामित्रः | शत्रुओं को जीतने वाले। |
| 521 | प्रमोदनः | प्रमोद देने वाले। |
| 522 | आनन्दः | आनन्द। |
| 523 | नन्दनः | नन्दन। |
| 524 | नन्दः | नन्द। |
| 525 | सत्यधर्मा | सत्यधर्म। |
| 526 | त्रिविक्रमः | तीनों लोकों को नापने वाले। |
| 527 | महर्षिः कपिलाचार्यः | महर्षि कपिल। |
| 528 | कृष्णः | कृष्ण। |
| 529 | विष्णुः | विष्णु। |
| 530 | लोकात्रयः | तीनों लोकों के आधार। |
| 531 | सिद्धः | सिद्ध। |
| 532 | अर्चिष्मान् | तेजस्वी। |
| 533 | अर्चितः | पूजित। |
| 534 | कुमुदः | कुमुद। |
| 535 | कुवलयः | कुवलय। |
| 536 | गोविन्दः | गोविन्द। |
| 537 | गोचरो गोपतिः | गोचर और गोपति। |
| 538 | मरीचिः | मरीचि। |
| 539 | दमनः | दमन। |
| 540 | हंसः | हंस। |
| 541 | सुपर्णः | सुपर्ण। |
| 542 | भुजगोत्तमः | सर्वोत्तम सर्प। |
| 543 | हिरण्यनाभः | स्वर्णनाभि। |
| 544 | सुतपाः | उत्तम तप। |
| 545 | पद्मनाभः | पद्मनाभ। |
| 546 | प्रजापतिः | प्रजापति। |
| 547 | अमृत्युः | मृत्यु रहित। |
| 548 | सर्वदृक् | सब देखने वाले। |
| 549 | सिंहः | सिंह। |
| 550 | सन्धाता | संधान करने वाले। |
| 551 | सन्धिमान् | संधिमान्। |
| 552 | स्थिरः | स्थिर। |
| 553 | अजः | अज। |
| 554 | दुर्मर्षणः | दुर्मर्षण। |
| 555 | शास्ता | शास्ता। |
| 556 | विश्रुतात्मा | प्रसिद्ध आत्मा। |
| 557 | सुरारिहा | असुरों के हंता। |
| 558 | गुरुः | गुरु। |
| 559 | गुरुतमः | सबसे बड़े गुरु। |
| 560 | धाम | धाम। |
| 561 | सत्यः | सत्य। |
| 562 | सत्यपराक्रमः | सत्य पराक्रम। |
| 563 | निमिषः | निमिष। |
| 564 | अनिमिषः | अनिमिष। |
| 565 | स्रग्वी | माला धारण करने वाले। |
| 566 | वाचस्पतिः | वाणी के स्वामी। |
| 567 | उदारधीः | उदार बुद्धि। |
| 568 | अग्रणीः | अग्रणी। |
| 569 | ग्रामणीः | ग्रामणी। |
| 570 | श्रीमान् | श्रीमान्। |
| 571 | न्यायः | न्याय। |
| 572 | नेता | नेता। |
| 573 | समीरणः | वायु। |
| 574 | सहस्रमूर्धा | हजार सिर वाले। |
| 575 | विश्वात्मा | विश्व की आत्मा। |
| 576 | सहस्राक्षः | हजार नेत्र वाले। |
| 577 | सहस्रपात् | हजार पैर वाले। |
| 578 | आवर्तनः | आवर्तन। |
| 579 | निवृत्तात्मा | निवृत्त आत्मा। |
| 580 | संवृतः | संवृत। |
| 581 | संप्रमर्दनः | संप्रमर्दन। |
| 582 | अहः संवर्तकः | दिन का संवर्तक। |
| 583 | वह्निः | अग्नि। |
| 584 | अनिलः | वायु। |
| 585 | धरणीधरः | पृथ्वी धारण करने वाले। |
| 586 | सुप्रसादः | सुप्रसन्न। |
| 587 | प्रसन्नात्मा | प्रसन्न आत्मा। |
| 588 | विश्वधृक् | विश्व को धारण करने वाले। |
| 589 | विश्वभुक् | विश्व का भोग करने वाले। |
| 590 | विभुः | विभु। |
| 591 | सत्कर्ता | सत्कार्य करने वाले। |
| 592 | सत्कृतः | सत्कृत। |
| 593 | साधुः | साधु। |
| 594 | जह्नुः | जह्नु। |
| 595 | नारायणः | नारायण। |
| 596 | नरः | नर। |
| 597 | असंख्येयः | असंख्य। |
| 598 | अप्रमेयात्मा | अपरिमेय आत्मा। |
| 599 | विशिष्टः | विशिष्ट। |
| 600 | शिष्टकृत् | शिष्ट बनाने वाले। |
| 601 | शुचिः | पवित्र। |
| 602 | सिद्धार्थः | सिद्ध अर्थ वाले। |
| 603 | सिद्धसंकल्पः | सिद्ध संकल्प। |
| 604 | सिद्धिदः | सिद्धि देने वाले। |
| 605 | सिद्धिसाधनः | सिद्धि के साधन। |
| 606 | वृषाही | धर्म की वर्षा। |
| 607 | वृषभः | वृषभ। |
| 608 | विष्णुः | विष्णु। |
| 609 | वृषपर्वा | धर्म रूपी पर्व। |
| 610 | वृषोदरः | धर्म को धारण करने वाले। |
| 611 | वर्धनः | वृद्धि करने वाले। |
| 612 | वर्धमानः | वर्धमान। |
| 613 | विविक्तः | विविक्त। |
| 614 | श्रुतिसागरः | वेद सागर। |
| 615 | सुभुजः | सुंदर भुजा। |
| 616 | दुर्धरः | दुर्धर। |
| 617 | वाग्मी | वाग्मी। |
| 618 | महेंद्रः | महेंद्र। |
| 619 | वसुदः | धन देने वाले। |
| 620 | वसुः | वसु। |
| 621 | नैकरूपः | अनेक रूप। |
| 622 | बृहद्रूपः | विशाल रूप। |
| 623 | शिपिविष्टः | किरणों में व्याप्त। |
| 624 | प्रकाशनः | प्रकाशन। |
| 625 | ओजस्तेजोद्युतिधरः | ओज-तेज-द्युति धारण करने वाले। |
| 626 | प्रकाशात्मा | प्रकाश आत्मा। |
| 627 | प्रतापनः | प्रतापन। |
| 628 | ऋद्धः | ऋद्ध। |
| 629 | स्पष्टाक्षरः | स्पष्ट अक्षर। |
| 630 | मन्त्रः | मन्त्र। |
| 631 | चन्द्रांशुः | चंद्रकिरण। |
| 632 | भaskarद्युतिः | सूर्यद्युति। |
| 633 | अमृतांशोद्भवः | अमृत अंश से उत्पन्न। |
| 634 | भानुः | भानु। |
| 635 | शशबिन्दुः | चंद्रमा। |
| 636 | सुरेश्वरः | सुरेश्वर। |
| 637 | औषधम् | औषध। |
| 638 | जगतः सेतुः | जगत का सेतु। |
| 639 | सत्यधर्मपराक्रमः | सत्यधर्म पराक्रम। |
| 640 | भूतभव्यभवन्नाथः | त्रिकाल के नाथ। |
| 641 | पवनः | पवन। |
| 642 | पावनः | पावन। |
| 643 | अनलः | अनल। |
| 644 | कामहा | कामना हरने वाले। |
| 645 | कामकृत् | कामना पूर्ण करने वाले। |
| 646 | कान्तः | कान्त। |
| 647 | कामः | काम। |
| 648 | कामप्रदः | कामप्रद। |
| 649 | प्रभुः | प्रभु। |
| 650 | युगादिकृत् | युगादि कृत्। |
| 651 | युगावर्तः | युगावर्त। |
| 652 | नैकमायः | अनेक माया। |
| 653 | महाशनः | महाशन। |
| 654 | अदृश्यः | अदृश्य। |
| 655 | व्यक्तरूपः | व्यक्त रूप। |
| 656 | सहस्रजित् | सहस्रजित्। |
| 657 | अनन्तजित् | अनन्तजित्। |
| 658 | इष्टः | इष्ट। |
| 659 | विशिष्टः | विशिष्ट। |
| 660 | शिष्टेष्टः | शिष्टों के इष्ट। |
| 661 | शिखण्डी | शिखण्डी। |
| 662 | नहुषः | नहुष। |
| 663 | वृषः | वृष। |
| 664 | क्रोधी | क्रोधी। |
| 665 | क्रोधनः | क्रोधन। |
| 666 | विश्वबाहुः | विश्वबाहु। |
| 667 | महीधरः | महीधर। |
| 668 | अच्युतः | अच्युत। |
| 669 | प्रथितः | प्रथित। |
| 670 | प्राणः | प्राण। |
| 671 | प्राणदः | प्राणद। |
| 672 | वासवानुजः | वासवानुज। |
| 673 | अपांनिधिः | अपांनिधि। |
| 674 | अधिष्ठानम् | अधिष्ठान। |
| 675 | अप्रमत्तः | अप्रमत्त। |
| 676 | प्रतिष्ठितः | प्रतिष्ठित। |
| 677 | स्कन्दः | स्कन्द। |
| 678 | स्कन्दधरः | स्कन्दधर। |
| 679 | धुर्यः | धुर्य। |
| 680 | वरदः | वरद। |
| 681 | वायुवाहनः | वायुवाहन। |
| 682 | वासुदेवः | वासुदेव। |
| 683 | बृहद्भानुः | बृहद्भानु। |
| 684 | आदिदेवः | आदिदेव। |
| 685 | पुरंदरः | पुरंदर। |
| 686 | अशोकः | अशोक। |
| 687 | तारणः | तारण। |
| 688 | तारः | तार। |
| 689 | शूरः | शूर। |
| 690 | शौरिः | शौरि। |
| 691 | जनेश्वरः | जनेश्वर। |
| 692 | अनुकूलः | अनुकूल। |
| 693 | शतावर्तः | शतावर्त। |
| 694 | पद्मी | पद्मी। |
| 695 | पद्मनिभेक्षणः | पद्मनेत्र। |
| 696 | पद्मनाभः | पद्मनाभ। |
| 697 | अरविन्दाक्षः | अरविन्दाक्ष। |
| 698 | पद्मगर्भः | पद्मगर्भ। |
| 699 | शरीरभृत् | शरीरभृत्। |
| 700 | महर्द्धिः | महर्द्धि। |
| 701 | ऋद्धः | ऋद्ध। |
| 702 | वृद्धात्मा | वृद्धात्मा। |
| 703 | महाक्षः | महाक्ष। |
| 704 | गरुडध्वजः | गरुडध्वज। |
| 705 | अतुलः | अतुल। |
| 706 | शरभः | शरभ। |
| 707 | भीमः | भीम। |
| 708 | समयज्ञः | समयज्ञ। |
| 709 | हविर्हरिः | हविर्हरि। |
| 710 | सर्वलक्षणलक्षण्यः | सभी लक्षणों से युक्त। |
| 711 | लक्ष्मीवान् | लक्ष्मीवान्। |
| 712 | समितिञ्जयः | समितिञ्जय। |
| 713 | विक्षरः | विक्षर। |
| 714 | रोहितः | रोहित। |
| 715 | मार्गः | मार्ग। |
| 716 | हेतुः | हेतु। |
| 717 | दामोदरः | दामोदर। |
| 718 | सहः | सह। |
| 719 | महीधरः | महीधर। |
| 720 | महाभागः | महाभाग। |
| 721 | वेगवान् | वेगवान्। |
| 722 | अमिताशनः | अमिताशन। |
| 723 | उद्भवः | उद्भव। |
| 724 | क्षोभणः | क्षोभण। |
| 725 | देवः | देव। |
| 726 | श्रीगर्भः | श्रीगर्भ। |
| 727 | परमेश्वरः | परमेश्वर। |
| 728 | करणम् | करण। |
| 729 | कारणम् | कारण। |
| 730 | कर्ता | कर्ता। |
| 731 | विकर्ता | विकर्ता। |
| 732 | गहनः | गहन। |
| 733 | गुहः | गुह। |
| 734 | व्यवसायः | व्यवसाय। |
| 735 | व्यवस्थानः | व्यवस्थान। |
| 736 | संस्थानः | संस्थान। |
| 737 | स्थानदः | स्थानद। |
| 738 | ध्रुवः | ध्रुव। |
| 739 | परर्द्धिः | परर्द्धि। |
| 740 | परमस्पष्टः | परमस्पष्ट। |
| 741 | तुष्टः | तुष्ट। |
| 742 | पुष्टः | पुष्ट। |
| 743 | शुभेक्षणः | शुभेक्षण। |
| 744 | रामः | राम। |
| 745 | विरामः | विराम। |
| 746 | विरजः | विरज। |
| 747 | मार्गः | मार्ग। |
| 748 | नेता | नेता। |
| 749 | नादनयः | नादनय। |
| 750 | वीरः | वीर। |
| क्र.सं. | संस्कृत नाम | हिंदी अर्थ |
|---|---|---|
| 751 | शक्तिमतां श्रेष्ठः | शक्तिमानों में श्रेष्ठ। |
| 752 | धर्मः | धर्म स्वरूप। |
| 753 | धर्मविदुत्तमः | धर्मविदों में उत्तम। |
| 754 | वैकुण्ठः | वैकुण्ठ निवासी। |
| 755 | पुरुषः | पुरुष। |
| 756 | प्राणः | प्राण। |
| 757 | प्राणदः | प्राण देने वाले। |
| 758 | प्रणवः | ॐ स्वरूप। |
| 759 | पृथुः | विशाल। |
| 760 | हिरण्यगर्भः | हिरण्यगर्भ। |
| 761 | शत्रुघ्नः | शत्रुओं का नाश करने वाले। |
| 762 | व्याप्तः | व्याप्त। |
| 763 | वायुः | वायु। |
| 764 | अधोक्षजः | अधोक्षज। |
| 765 | ऋतुः | ऋतु। |
| 766 | सुदर्शनः | सुदर्शन। |
| 767 | कालः | काल। |
| 768 | परमेष्ठी | परमेष्ठी। |
| 769 | परिग्रहः | परिग्रह। |
| 770 | उग्रः | उग्र। |
| 771 | संवत्सरः | संवत्सर। |
| 772 | दक्षः | दक्ष। |
| 773 | विश्रामः | विश्राम। |
| 774 | विश्वदक्षिणः | विश्व को दक्षिणा देने वाले। |
| 775 | विस्तारः | विस्तार। |
| 776 | स्थावरस्थाणुः | स्थावर और स्थाणु। |
| 777 | प्रमाणम् | प्रमाण। |
| 778 | बीजम् अव्ययम् | अव्यय बीज। |
| 779 | अर्थः | अर्थ। |
| 780 | अनर्थः | अनर्थ रहित। |
| 781 | महाकोशः | महान कोश वाले। |
| 782 | महाभोगः | महान भोग वाले। |
| 783 | महाधनः | महान धन वाले। |
| 784 | अनिर्विण्णः | थके हुए न होने वाले। |
| 785 | स्थविष्ठः | अत्यंत विशाल। |
| 786 | अभूः | अभू। |
| 787 | धर्मयूपः | धर्म रूपी यूप। |
| 788 | महामखः | महान यज्ञ। |
| 789 | नक्षत्रनेमिः | नक्षत्रों की नेमि। |
| 790 | नक्षत्री | नक्षत्रों वाले। |
| 791 | क्षमः | क्षमाशील। |
| 792 | क्षामः | क्षाम। |
| 793 | समीहनः | समीहन। |
| 794 | यज्ञः | यज्ञ। |
| 795 | इज्यः | पूज्य। |
| 796 | महेज्यः | महान पूज्य। |
| 797 | क्रतुः | क्रतु। |
| 798 | सत्रम् | सत्र। |
| 799 | सतां गतिः | सज्जनों की गति। |
| 800 | सर्वदर्शी | सब कुछ देखने वाले। |
| 801 | विमुक्तात्मा | विमुक्त आत्मा। |
| 802 | सर्वज्ञः | सर्वज्ञ। |
| 803 | ज्ञानमुत्तमम् | उत्तम ज्ञान। |
| 804 | सुव्रतः | उत्तम व्रत वाले। |
| 805 | सुमुखः | सुंदर मुख वाले। |
| 806 | सूक्ष्मः | सूक्ष्म। |
| 807 | सुघोषः | सुंदर घोष वाले। |
| 808 | सुखदः | सुख देने वाले। |
| 809 | सुहृत् | सच्चा मित्र। |
| 810 | मनोहरः | मन को हरने वाले। |
| 811 | जित्क्रोधः | क्रोध को जीतने वाले। |
| 812 | वीरबाहुः | वीर भुजाओं वाले। |
| 813 | विदारणः | विदारण करने वाले। |
| 814 | स्वापनः | सुला देने वाले। |
| 815 | स्ववशः | स्वतंत्र। |
| 816 | व्यापी | व्यापी। |
| 817 | नैकात्मा | अनेक आत्माओं वाले। |
| 818 | नैककर्मकृत् | अनेक कर्म करने वाले। |
| 819 | वत्सलः | वत्सल। |
| 820 | वत्सलायः | वत्सलाय। |
| 821 | रत्नगर्भः | रत्नगर्भ। |
| 822 | धनेश्वरः | धन के ईश्वर। |
| 823 | धर्मगुप् | धर्म की रक्षा करने वाले। |
| 824 | धर्मकृत् | धर्म करने वाले। |
| 825 | धर्मी | धर्मी। |
| 826 | सत् | सत्। |
| 827 | असत् | असत्। |
| 828 | क्षरम् | क्षर। |
| 829 | अक्षरम् | अक्षर। |
| 830 | अविज्ञाता | अविज्ञाता। |
| 831 | सहस्रांशुः | हजार किरणों वाले। |
| 832 | विधाता | विधाता। |
| 833 | कृतलक्षणः | लक्षणों से युक्त। |
| 834 | गभस्तिनेमिः | किरणों की नेमि वाले। |
| 835 | सत्त्वस्थः | सत्त्व में स्थित। |
| 836 | सिंहः | सिंह। |
| 837 | भूतमहेश्वरः | भूतों के महेश्वर। |
| 838 | आदिदेवः | आदि देव। |
| 839 | महादेवः | महादेव। |
| 840 | देवेशः | देवों के ईश। |
| 841 | देवभृद्गुरुः | देवों के गुरु। |
| 842 | उत्तरः | उत्तर। |
| 843 | गोपतिः | गोपति। |
| 844 | गोप्ता | रक्षा करने वाले। |
| 845 | ज्ञानगम्यः | ज्ञान से गम्य। |
| 846 | पुरातनः | पुरातन। |
| 847 | शरीरभूतभृत् | शरीर और भूतों को धारण करने वाले। |
| 848 | भोक्ता | भोक्ता। |
| 849 | कपीन्द्रः | वानरों के इंद्र। |
| 850 | भूरिदक्षिणः | बहुत दक्षिणा वाले। |
| 851 | सोमपः | सोमपान करने वाले। |
| 852 | अमृतपः | अमृतपान करने वाले। |
| 853 | सोमः | सोम। |
| 854 | पुरुजित् | बहुतों को जीतने वाले। |
| 855 | पुरुसत्तमः | पुरुषों में उत्तम। |
| 856 | विनयः | विनय। |
| 857 | जयः | जय। |
| 858 | सत्यसन्धः | सत्यप्रतिज्ञ। |
| 859 | दाशार्हः | दाशार्ह। |
| 860 | सात्त्वतां पतिः | सात्त्वतों के स्वामी। |
| 861 | जीवः | जीव। |
| 862 | विनयितासाक्षी | विनय का साक्षी। |
| 863 | मुकुन्दः | मुक्ति देने वाले। |
| 864 | अमितविक्रमः | अमित पराक्रम वाले। |
| 865 | अम्भोनिधिः | समुद्र। |
| 866 | अनन्तात्मा | अनंत आत्मा। |
| 867 | महोदधिशयः | महासागर में शयन करने वाले। |
| 868 | अन्तकः | अंत करने वाले। |
| 869 | अजः | अज। |
| 870 | महार्हः | महान पूज्य। |
| 871 | स्वाभाव्यः | स्वाभाविक। |
| 872 | जितामित्रः | शत्रुओं को जीतने वाले। |
| 873 | प्रमोदनः | प्रमोद देने वाले। |
| 874 | आनन्दः | आनन्द। |
| 875 | नन्दनः | नन्दन। |
| 876 | नन्दः | नन्द। |
| 877 | सत्यधर्मा | सत्यधर्म। |
| 878 | त्रिविक्रमः | त्रिविक्रम। |
| 879 | महर्षिः | महर्षि। |
| 880 | कपिलाचार्यः | कपिलाचार्य। |
| 881 | कृष्णः | कृष्ण। |
| 882 | द्रविणोदः | धन देने वाले। |
| 883 | सङ्ग्रहः | संग्रह। |
| 884 | सर्गः | सृष्टि। |
| 885 | धृतात्मा | आत्मा को धारण करने वाले। |
| 886 | नियमः | नियम। |
| 887 | यमः | यम। |
| 888 | वेद्यः | जानने योग्य। |
| 889 | वैद्यः | वैद्य। |
| 890 | सदायोगी | सदा योगी। |
| 891 | वीरहा | वीरों के हंता। |
| 892 | माधवः | माधव। |
| 893 | मधुः | मधु। |
| 894 | अतीन्द्रियः | इन्द्रियों से परे। |
| 895 | महामायः | महान माया वाले। |
| 896 | महोत्साहः | महान उत्साह वाले। |
| 897 | महाबलः | महान बल वाले। |
| 898 | महाबुद्धिः | महान बुद्धि वाले। |
| 899 | महावीर्यः | महान वीर्य वाले। |
| 900 | महाशक्तिः | महान शक्ति वाले। |
| 901 | महाद्युतिः | महान द्युति वाले। |
| 902 | अनिर्देश्यवपुः | अनिर्देश्य शरीर वाले। |
| 903 | श्रीमान् | श्रीमान्। |
| 904 | अमेयात्मा | अमेय आत्मा वाले। |
| 905 | महाद्रिधृक् | बड़े पर्वतों को धारण करने वाले। |
| 906 | महेष्वासः | महान धनुर्धारी। |
| 907 | महीभर्ता | पृथ्वी के भर्ता। |
| 908 | श्रीनिवासः | लक्ष्मी के निवास स्थान। |
| 909 | सतां गतिः | सज्जनों की गति। |
| 910 | अनिरुद्धः | अनिरुद्ध। |
| 911 | सुरानन्दः | देवताओं को आनंद देने वाले। |
| 912 | गोविन्दः | गोविन्द। |
| 913 | गोविदां पतिः | वेदज्ञों के पति। |
| 914 | मरीचिः | मरीचि। |
| 915 | दमनः | दमन। |
| 916 | हंसः | हंस। |
| 917 | सुपर्णः | सुपर्ण। |
| 918 | भुजगोत्तमः | सर्वोत्तम सर्प। |
| 919 | हिरण्यनाभः | स्वर्णनाभि। |
| 920 | सुतपाः | उत्तम तप। |
| 921 | पद्मनाभः | पद्मनाभ। |
| 922 | प्रजापतिः | प्रजापति। |
| 923 | अमृत्युः | मृत्यु रहित। |
| 924 | सर्वदृक् | सब देखने वाले। |
| 925 | सिंहः | सिंह। |
| 926 | सन्धाता | संधान करने वाले। |
| 927 | सन्धिमान् | संधिमान्। |
| 928 | स्थिरः | स्थिर। |
| 929 | अजः | अज। |
| 930 | दुर्मर्षणः | दुर्मर्षण। |
| 931 | शास्ता | शास्ता। |
| 932 | विश्रुतात्मा | प्रसिद्ध आत्मा। |
| 933 | सुरारिहा | असुरों के हंता। |
| 934 | गुरुः | गुरु। |
| 935 | गुरुतमः | सबसे बड़े गुरु। |
| 936 | धाम | धाम। |
| 937 | सत्यः | सत्य। |
| 938 | सत्यपराक्रमः | सत्य पराक्रम। |
| 939 | निमिषः | निमिष। |
| 940 | अनिमिषः | अनिमिष। |
| 941 | स्रग्वी | माला धारण करने वाले। |
| 942 | वाचस्पतिः | वाणी के स्वामी। |
| 943 | उदारधीः | उदार बुद्धि। |
| 944 | अग्रणीः | अग्रणी। |
| 945 | ग्रामणीः | ग्रामणी। |
| 946 | श्रीमान् | श्रीमान्। |
| 947 | न्यायः | न्याय। |
| 948 | नेता | नेता। |
| 949 | समीरणः | वायु। |
| 950 | सहस्रमूर्धा | हजार सिर वाले। |
| 951 | विश्वात्मा | विश्व की आत्मा। |
| 952 | सहस्राक्षः | हजार नेत्र वाले। |
| 953 | सहस्रपात् | हजार पैर वाले। |
| 954 | आवर्तनः | आवर्तन। |
| 955 | निवृत्तात्मा | निवृत्त आत्मा। |
| 956 | संवृतः | संवृत। |
| 957 | संप्रमर्दनः | संप्रमर्दन। |
| 958 | अहः संवर्तकः | दिन का संवर्तक। |
| 959 | वह्निः | अग्नि। |
| 960 | अनिलः | वायु। |
| 961 | धरणीधरः | पृथ्वी धारण करने वाले। |
| 962 | सुप्रसादः | सुप्रसन्न। |
| 963 | प्रसन्नात्मा | प्रसन्न आत्मा। |
| 964 | विश्वधृक् | विश्व को धारण करने वाले। |
| 965 | विश्वभुक् | विश्व का भोग करने वाले। |
| 966 | विभुः | विभु। |
| 967 | सत्कर्ता | सत्कार्य करने वाले। |
| 968 | सत्कृतः | सत्कृत। |
| 969 | साधुः | साधु। |
| 970 | जह्नुः | जह्नु। |
| 971 | नारायणः | नारायण। |
| 972 | नरः | नर। |
| 973 | असंख्येयः | असंख्य। |
| 974 | अप्रमेयात्मा | अपरिमेय आत्मा। |
| 975 | विशिष्टः | विशिष्ट। |
| 976 | शिष्टकृत् | शिष्ट बनाने वाले। |
| 977 | शुचिः | पवित्र। |
| 978 | सिद्धार्थः | सिद्ध अर्थ वाले। |
| 979 | सिद्धसंकल्पः | सिद्ध संकल्प। |
| 980 | सिद्धिदः | सिद्धि देने वाले। |
| 981 | सिद्धिसाधनः | सिद्धि के साधन। |
| 982 | वृषाही | धर्म की वर्षा। |
| 983 | वृषभः | वृषभ। |
| 984 | विष्णुः | विष्णु। |
| 985 | वृषपर्वा | धर्म रूपी पर्व। |
| 986 | वृषोदरः | धर्म को धारण करने वाले। |
| 987 | वर्धनः | वृद्धि करने वाले। |
| 988 | वर्धमानः | वर्धमान। |
| 989 | विविक्तः | विविक्त। |
| 990 | श्रुतिसागरः | वेद सागर। |
| 991 | सुभुजः | सुंदर भुजा। |
| 992 | दुर्धरः | दुर्धर। |
| 993 | वाग्मी | वाग्मी। |
| 994 | महेंद्रः | महेंद्र। |
| 995 | वसुदः | धन देने वाले। |
| 996 | वसुः | वसु। |
| 997 | नैकरूपः | अनेक रूप। |
| 998 | बृहद्रूपः | विशाल रूप। |
| 999 | शिपिविष्टः | किरणों में व्याप्त। |
| 1000 | सर्वप्रहरणायुधः | सभी आयुधों से युक्त (अंतिम नाम)। |
निष्कर्ष
विष्णु सहस्रनाम केवल नामों की सूची नहीं, बल्कि परमात्मा की अनन्त शक्ति का साक्षात् अनुभव है। यह स्तोत्र मानसिक शांति, ग्रह दोष निवारण और मोक्ष मार्ग का अचूक साधन है।
श्री कैची धाम परिवार का प्रयास है कि आप इन दिव्य श्लोकों को शुद्ध भाव से पढ़ें और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करें।
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ReplyDeleteश्री हरि ।।
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