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Showing posts from June, 2020

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मंगलवार का देवता कौन है? | मंगलवार को कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?

शास्त्रों के मुताबिक, मंगलवार का दिन भगवान गणेश, भगवान हनुमान, और देवी दुर्गा और काली को समर्पित है। मंगलवार को बजरंगबली का दिन माना जाता है। इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मंगलवार की पूजा मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। हनुमान जी को शक्ति, बल, साहस और संकट मोचन का देवता माना जाता है। माना जाता है कि मंगलवार के दिन अगर सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा की जाए तो व्यक्ति को हर संकट से मुक्ति मिल जाती है। शास्त्रों के मुताबिक, मंगलवार के दिन देवी पूजा के लिए पंचमेवा, मिष्ठान, फल, लाल रंग के पुष्प और माला, कलावा, दिया, बाती, रोली, सिंदूर, पानी वाला नारियल, अक्षत, लाल कपड़ा, पूजा वाली सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, गाय का घी, कलश, आम का पत्ता, कमल गट्टा, समिधा, लाल चंदन, जौ, तिल, सोलह श्रृंगार का सामान आदि रखना चाहिए।  मंगलवार को व्रत रखने से कुंडली में मंगल दोष से मुक्ति भी मिल सकती है। मंगलवार के दिन में क्या खास है? मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, मंगलवार के दिन ही बजरं

Neem Karoli Baba Dwara Kainchi Dham Sthapna | नीम करोली बाबा द्वारा कैंची धाम स्थापना

Neem Karoli Baba Dwara Kainchi Dham Sthapna | नीम करोली बाबा द्वारा कैंची धाम स्थापना उत्तराखंड की वादियों में बसा श्री कैंची धाम आज पुरे विश्व में जाना और माना जाता है। श्री कैंची धाम अपने अनोखे देवता के लिए विश्व प्रसिद्ध हुवा। जी हां एक ऐसा संत जो दिखने में साधारण होते हुवे भी चमत्कारों से ओत-प्रोत था।  उन दिव्य विभूति का नाम परम पूज्य सदगुरुदेव श्री नीम करोली बाबा था जिन्हे उनके भक्त नीब करोरी बाबा के नाम से भी जानते थे।  बाबा को उनके भक्तो ने प्रेमवश महाराज जी के नाम से भी सम्बोधित किया। नीम करोली बाबा ने उत्तराखंड में श्री कैंची धाम की स्थापना 15 जून 1964 को की थी अतः उनके समाधिस्थ होने के पश्चात भी प्रतिवर्ष 15 जून को विशाल भंडारे और मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें बाबा के दर्शनों के लिए देश विदेश से लाखो भकतो का ताता लगा रहता है।  श्री कैंची धाम भक्तो के विश्वास और आस्था का केंद्र बन चूका है क्योकि नीम करोली बाबा दिखावे और जूठे आडम्बरो से कोसो दूर थे और उनकी कृपा दृष्टि उनके हर एक भक्त पर सामान रूप से पड़ती थी और आज भी पड़  रही है ।   आज भी बाबा के अनेको भक्तो द