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Showing posts from July, 2021

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वेद क्या है? वेदों के प्रकार और महत्व क्या है?

वेद, विश्व के सबसे पुराने लिखित धार्मिक दार्शनिक ग्रंथ हैं। वेद शब्द संस्कृत भाषा के 'विद' शब्द से बना है, जिसका मतलब है 'ज्ञान'। वेद, वैदिक साहित्य में सबसे महत्वपूर्ण हैं। 1500 और 500 ईसा पूर्व के बीच वैदिक संस्कृत में रचित, वेद हिंदू धर्म के सबसे पुराने ग्रंथ हैं।  वेद क्या है ? वेद चार हैं: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद।  वेदों में देवता, ब्रह्मांड, ज्योतिष, गणित, औषधि, विज्ञान, भूगोल, धर्म, संगीत, रीति-रिवाज आदि जैसे कई विषयों का ज्ञान वर्णित है। वेद इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे किसी मनुष्य द्वारा नहीं बल्कि ईश्वर द्वारा ऋषियों को सुने ज्ञान के आधार पर लिखा गया है. इसलिए भी वेद को 'श्रुति' कहा जाता है।  वेदों को चार प्रमुख ग्रंथों में विभाजित किया गया है और इसमें भजन, पौराणिक वृत्तांत, प्रार्थनाएं, कविताएं और सूत्र शामिल हैं। वेदों के समग्र भाग को मन्त्रसंहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद के रूप में भी जाना जाता है। इनमें प्रयुक्त भाषा वैदिक संस्कृत कहलाती है जो लौकिक संस्कृत से कुछ अलग है। वेदों के संपूर्ण ज्ञान को महर्षि कृष्ण द्वैपाय

Mandir Mein Thodi Der Baithana Chahiye

क्यों हमें मंदिर में दर्शन के बाद थोड़ी देर के लिए वहां बैठना चाहिए?  बहुत सारे लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि जब कभी भी हम सब मंदिर जाते हैं तो मंदिर में भगवान के दर्शन करने के उपरांत क्या कुछ समय के लिए मंदिर की भूमि पर विश्राम करना चाहिए अर्थात क्या कुछ समय के लिए हमें मंदिर में बैठना चाहिए ? इस प्रश्न का उत्तर पाने के लिए अनेक लोगों ने प्रश्न किया पर कोई सही उत्तर न पा सका। आज हम पूर्ण तर्क विधि से आपको सही उत्तर देने का प्रयास करेंगे।  सर्वप्रथम हमको यह जानना है कि मंदिर कौन सी जगह होती है ? मंदिर क्या है ?  मंदिर वह स्थान है जहां ईश्वरी शक्ति का निवास होता है। यूं तो ईश्वरीय शक्ति संसार के हर कण में निवास करती है परंतु जिस प्रकार हवा होते हुए भी बिना पंखा चलाएं हमें हवा महसूस नहीं होती, ठीक उसी प्रकार भगवान तो सर्वत्र व्याप्त है पर उसे महसूस करने के लिए हमें भगवान के मंदिर में आश्रय लेना पड़ता है।  भगवान का मंदिर वह स्थान है जहां पर प्रतिदिन लाखों-करोड़ों भक्त आते हैं, भगवान की पूजा अर्चना करते हैं और उनकी पूजा-अर्चना से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक उर्जा उस मंदिर के पवित्र