Skip to main content

Posts

Showing posts from August, 2020

कैंची धाम मंदिर देवस्थान

कैंची धाम मंदिर देवस्थानपौराणिक काल से ही भारत वर्ष को आर्यवर्त के नाम से जाना जाता है। संपूर्ण आर्यवर्त में सनातन धर्मियो ने समय-समय पर शास्त्रों और वेदों के प्रमाण दिए जिनसे सांसारिक मनुष्यों का मार्ग दर्शन संभव हो सका। इसी भारतवर्ष की परम पावन भूमि पर समय-समय पर अनेकों दिव्य विभूतियों ने अवतार ग्रहण किया।  समय-समय पर ईश्वर ने संतों के रूप में इस धरती पर अवतार लेकर अपने भक्तों का मार्गदर्शन किया और उनको उचित मार्ग दिखलाया।  नीम करोली बाबा का कैंची धाम यूं तो भारत संतों का देश है फिर भी आज हम जिन संत के बारे में बताने जा रहे हैं वह अपने आप में एक दिव्य विभूति रहे हैं जिनका नाम है परम पूज्य श्री नीम करोली बाबा जी।  कहते हैं संतो की चरण धूलि जहां पड़ जाए वह स्थान अपने आप में स्वयं पवित्र हो जाता है ठीक उसी प्रकार नीम करोली बाबा ने जिस स्थान पर अपने चरण रखे वह स्थान मंदिर बन गए और आज संपूर्ण विश्व में उन स्थानों पर श्री हनुमान जी महाराज का मंदिर विद्यमान हैं जिनमें से सबसे प्रमुख मंदिर जहां नीम करोली बाबा निवास करते थे उत्तराखंड के भोवाली  के निकट श्री कैंची धाम में पड़ता है।  श्री कैंची धा…

नीम करोली बाबा - बृजलाल हम तो भूखे रह गये

नीम करोली बाबा भूखे रह गयेपरिचय :नीम करोली बाबा उत्तराखंड में नैनीताल के निकट भोवाली छेत्र के निकट श्री कैंची धाम में निवास करते थे। बाबा नीब करोरी और बाबा नीम करोली दोनों एक ही दिव्य विभूति के नाम है।  ये दोनों नाम उनके प्यारे भक्तो ने दिए जिनको परमपूज्य श्री नीम करोली बाबा जी ने सहर्ष स्वीकार किया। श्री कैंची धाम का पवित्र आश्रम प्रकृति की गोद में आलोकिक वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा के भण्डार के लिए प्रसिद्ध है। देश-विदेश के अनगिनत भक्त प्रतिदिन यहाँ बाबा के दर्शन करने आते थे और आज उनके समाधिस्थ होने के बाद भी भक्तो की उनपर आस्था और विश्वास के चलते निरंतर दर्शनार्थियो की भीड़ मंदिर प्रांगण में लगी रहती है।  कानपुर की घटना :कानपुर के एक बड़े उधोग पति की माता जी के आग्रह करने पर एक दिन बाबा जी ड्राईवर बृजलाल के साथ माता जी की कोठी पर जा पहुंचे। मारवाड़ी उधोगपति के घर सोने चाँदी के पात्रों में तरह तरह के व्यंजन देख कर बाबा जी का वैरागी मन विचलित हो गया।  गृह स्वामिनी के मन में ऐसे पात्रों में भोजन परोसते शायद कुछ दूसरा भाव आ गया हो ( अंहकार का ) की कुछ ही देर में बाबा जी ने एक पात्र में ज़र…