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Showing posts from July, 2019

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Sankat se Mukti pane ke liye Hanuman ji ka Vishesh Mantra

हनुमानजी का चित्र घर में कहाँ लगायें? | Where to put Hanumanji's picture in the house?

         हनुमानजी का चित्र घर में कहाँ लगायें?  श्रीराम भक्त हनुमान साक्षात एवं जाग्रत देव हैं। हनुमानजी की भक्ति जितनी सरल है उतनी ही कठिन भी। कठिन इसलिए की इसमें व्यक्ति को उत्तम चरित्र और मंदिर में पवित्रता रखना जरूरी है अन्यथा इसके दुष्परिणाम भुगतने होते हैं | हनुमानजी की भक्ति से चमत्कारिक रूप से संकट खत्म होकर भक्त को शांति और सुख प्राप्त होता है। विद्वान लोग कहते हैं कि जिसने एक बार हनुमानजी की भक्ति का रस चख लिया वह फिर जिंदगी में अपनी बाजी कभी हारता नहीं। जो उसे हार नजर आती है वह अंत में जीत में बदल जाती है। ऐसे भक्त का कोई शत्रु नहीं होता।  आपने हनुमानजी के बहुत से चित्र देखे होंगे। जैसे- पहाड़ उठाए हनुमानजी, उड़ते हुए हनुमानजी, पंचमुखी हनुमानजी, रामभक्ति में रत हनुमानजी, छाती चीरते हुए, रावण की सभा में अपनी पूंछ के आसन पर बैठे हनुमानजी, लंका दहन करते हनुमान, सीता वाटिका में अंगुठी देते हनुमानजी, गदा से राक्षसों को मारते हनुमानजी, विशालरूप दिखाते हुए हनुमानजी, आशीर्वाद देते हनुमानजी। राम और लक्षमण को कंधे पर उठाते हुए हनुमानजी, रा...

नीम करोली बाबा गुरु पूर्णिमा: गुरु की महिमा और महाराज जी का आशीर्वाद

सर्व प्रथम आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं। ​परम गुरुदेव श्री नीम करोली बाबा जी का आशीर्वाद आप सभी को निरंतर प्राप्त होता रहे, इसी मंगल कामना के साथ हम आज के इस पावन पर्व को मनाएंगे। सनातन धर्म में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर बताया गया है। संत कबीर दास जी ने इस सत्य को बहुत ही सुंदर शब्दों में पिरोया है: ​ "गुरु गोविन्द दोउ खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताये।" ​ नीम करोली बाबा और गुरु तत्व ​नीम करोली बाबा, जिन्हें उनके भक्त प्यार से 'महाराज जी' कहते हैं, साक्षात हनुमान जी के अवतार माने जाते हैं। उन्होंने कभी खुद को गुरु नहीं कहा, लेकिन उनके प्रेम ने लाखों लोगों को सही मार्ग दिखाया। महाराज जी का मुख्य संदेश था— "सबकी सेवा करो, सबको प्रेम करो, भगवान को याद करो और सच बोलो।" बाबा ने अपने जीवनकाल में भक्तों को जो असीमित प्रेम और करुणा दी, वह आज भी कैंची धाम और दुनिया भर में फैले उनके आश्रमों में महसूस की जा सकती है। बाबा के महासमाधि लेने के बाद भी उनका आशीर्वाद एक ढाल की तरह उनके भक्तों की रक्षा कर रहा है। ​ गुरु पूर्णिमा ...

Guru Bhakti NeemKaroli Baba - Shri Kainchi Dham

                                   गुरु भक्ति Guru Bhakti NeemKaroli Baba - Shri Kainchi Dham भक्त रामदास की कहानी उन्ही की ज़ुबानी  एक दिन मैं महाराज जी से कुछ दूरी पर उनके सामने ही बैठा हुआ था। बहुत सारे भक्त उनके आसपास बैठे हुए थे। बात हो रही थी। हंसी मजाक चल रहा था। कुछ उनके पैरों की मालिश कर रहे थे। लोग उन्हें सेव और फूल दे रहे थे। वे उन चीजों को प्रसाद रूप में लोगों में वितरित कर रहे थे। सब तरफ प्रेम और करुणा बरस रही थी। लेकिन मैदान में कुछ दूरी पर मैं अलग ही अवस्था में बैठा हुआ था। मैं सोच रहा था कि सब ठीक है लेकिन यह सब तो एक मूर्तरूप से जुड़ा प्रेम है। मैंने यह कर लिया अब मुझे इसके परे ज ाना है। वे कुछ खास नहीं हैं हालांकि वे सबकुछ हैं। मैं दुनिया में जहां कहीं भी हूं, उनके चरणों में हूं। मैं उनके साथ जिस अवस्था में जुड़ा हूं उसके लिए शरीर की मर्यादा का होना जरूरी नहीं है। जागृत अवस्था में हम एक हैं। तभी मैंने देखा कि महाराज जी ( नीम करोली बाबा ), एक बुजुर्ग भक्त के कान मे...