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Showing posts from September, 2023

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मंगलवार का देवता कौन है? | मंगलवार को कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?

शास्त्रों के मुताबिक, मंगलवार का दिन भगवान गणेश, भगवान हनुमान, और देवी दुर्गा और काली को समर्पित है। मंगलवार को बजरंगबली का दिन माना जाता है। इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। मंगलवार की पूजा मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। हनुमान जी को शक्ति, बल, साहस और संकट मोचन का देवता माना जाता है। माना जाता है कि मंगलवार के दिन अगर सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा की जाए तो व्यक्ति को हर संकट से मुक्ति मिल जाती है। शास्त्रों के मुताबिक, मंगलवार के दिन देवी पूजा के लिए पंचमेवा, मिष्ठान, फल, लाल रंग के पुष्प और माला, कलावा, दिया, बाती, रोली, सिंदूर, पानी वाला नारियल, अक्षत, लाल कपड़ा, पूजा वाली सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, गाय का घी, कलश, आम का पत्ता, कमल गट्टा, समिधा, लाल चंदन, जौ, तिल, सोलह श्रृंगार का सामान आदि रखना चाहिए।  मंगलवार को व्रत रखने से कुंडली में मंगल दोष से मुक्ति भी मिल सकती है। मंगलवार के दिन में क्या खास है? मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, मंगलवार के दिन ही बजरं

हनुमान जी के 1000 नाम in hindi | Hanuman Sahasranamam Stotram With Hindi Lyrics

भगवन शिव के रूद्र अवतार श्री हनुमान जी महाराज को समर्पित हनुमान सहस्त्रनाम आप सभी के सम्मुख उपलब्ध है जिसमे श्री हनुमान जी के 1000  नमो का वर्णन है।  Hanuman Sahasranamam Stotram With Hindi Lyrics शास्त्र इस बात का प्रमाण देते हैं कि "कलयुग केवल नाम अधारा सुमरि सुमरि नर उतरेहु पारा" अर्थात कलयुग में भगवान के नाम सिमरन का सर्वाधिक महत्व है। जो भी प्राणी भगवान के नाम को पकड़ लेता है वह इस भवसागर से पार हो जाता है। राम से बड़ा राम का नाम है परंतु शिव अवतार हनुमान जी महाराज की कृपा के बिना  श्री राम की कृपा को पाना असंभव है।    हनुमान जी के 1000 नाम in hindi ॐ  फलहस्ताय नमः । ॐ सर्वकर्मफलप्रदाय नमः । ॐ धर्माध्यक्षाय नमः । ॐ धर्मफलाय नमः । ॐ धर्माय नमः । ॐ धर्मप्रदाय नमः । ॐ अर्थदाय नमः । ॐ पञ्चविंशतितत्त्वज्ञाय नमः । ॐ तारकाय नमः । ॐ ब्रह्मतत्पराय नमः । ॐ त्रिमार्गवसतये नमः । ॐ भीमाय नमः । ॐ सर्वदुष्टनिबर्हणाय नमः । ॐ ऊर्जःस्वामिने नमः । ॐ जलस्वामिने नमः । ॐ शूलिने नमः । ॐ मालिने नमः । ॐ निशाकराय नमः । ॐ रक्ताम्बरधराय नमः । ॐ रक्ताय नमः ।  ॐ रक्तमाल्यविभूषणाय नमः । ॐ