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कैंची धाम यात्रा गाइड: नीम करोली बाबा के दर्शन के लिए जाने से पहले यह जरूर पढ़ें

Neem Karoli Baba Books Collection

नीम करोली बाबा से सम्बंधित किताबों का संग्रह

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Book #1
By His Grace: A Devotee's Story
By Dada Mukerjee
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Book #2
Miracle of Love: Stories about Neem Karoli Baba
By Ram Dass
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Book #3
The Near and the Dear: Stories of Neem Karoli Baba and His Devotees
By Dada Mukerjee
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Book #4
Be Love Now: The Path of the Heart
By Ram Dass
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Book #5
Barefoot in the Heart: Remembering Neem Karoli Baba
By Keshav Das
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Book #6
It All Abides In Love: Maharajji Neem Karoli Baba
By Jai Ram Ransom
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Book #7
Love Everyone: Transcendent Wisdom of Neem Karoli Baba
By Parvati Markus
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Book #8
Prem Men Sarvasava Basta Hai (Hindi)
By Jai Ram Ransom
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Book #9
The Divine Reality of Sri Baba Neeb Karori Ji Maharaj
Translation of Alokik Yathartha
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Book #10
Chants of a Lifetime: Searching for a Heart of Gold
By Krishna Das
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Vishnu Sahasranamam Stotram With Hindi Lyrics

Vishnu Sahasranamam Stotram Mahima ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः प्रिय भक्तों, विष्णु सहस्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु अर्थात भगवान नारायण के 1000 नामों की वह श्रृंखला है जिसे जपने मात्र से मानव के समस्त दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान विष्णु की अगाध कृपा प्राप्त होती है। विष्णु सहस्रनाम का जाप करने में कोई ज्यादा नियम विधि नहीं है परंतु मन में श्रद्धा और विश्वास अटूट होना चाहिए। भगवान की पूजा करने का एक विधान है कि आपके पास पूजन की सामग्री हो या ना हो पर मन में अपने इष्ट के प्रति अगाध विश्वास और श्रद्धा अवश्य होनी चाहिए। ठीक उसी प्रकार विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते समय आपके हृदय में भगवान श्री विष्णु अर्थात नारायण के प्रति पूर्ण प्रेम, श्रद्धा, विश्वास और समर्पण भाव का होना अति आवश्यक है। जिस प्रकार की मनोस्थिति में होकर आप विष्णु सहस्रनाम का पाठ करेंगे, उसी मनोस्थिति में भगवान विष्णु आपकी पूजा को स्वीकार करके आपके ऊपर अपनी कृपा प्रदान करेंगे। भगवान विष्णु के सहस्र नामों का पाठ करने की महिमा अगाध है। श्रीहरि भगवान विष्णु के 1000 नामों (Vis...

Panch Mukhi Hanuman: ॐ नमो हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा का अर्थ

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हनुमान वडवानल स्रोत महिमा - श्री कैंची धाम | Hanuman Vadvanal Stotra Mahima - Shri Kainchi Dham

हनुमान वडवानल स्रोत महिमा - श्री कैंची धाम | Hanuman Vadvanal Stotra Mahima - Shri Kainchi Dham   श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र की रचना त्रेतायुग में लंका अधिपति रावण के छोटे भाई विभीषण जी ने की थी। त्रेतायुग से आज तक ये मंत्र अपनी सिद्धता का प्रमाण पग-पग पे देता आ रहा है।  श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र के जाप से बड़ी से बड़ी समस्या भी टल जाती है। श्री हनुमान वडवानल स्रोत का प्रयोग अत्यधिक बड़ी समस्या होने पर ही किया जाता है। इसके जाप से बड़ी से बड़ी समस्या भी टल जाती है और सब संकट नष्ट होकर सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।  श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र के प्रयोग से शत्रुओं द्वारा किए गए पीड़ा कारक कृत्य अभिचार, तंत्र-मंत्र, बंधन, मारण प्रयोग आदि शांत होते हैं और समस्त प्रकार की बाधाएं समाप्त होती हैं। पाठ करने की विधि शनिवार के दिन शुभ मुहूर्त में इस प्रयोग को आरंभ करें। सुबह स्नान-ध्यान आदि से निवृत्त होकर हनुमानजी की पूजा करें, उन्हें फूल-माला, प्रसाद, जनेऊ आदि अर्पित करें। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाकर लगातार 41 दिनों तक 108 बार पाठ करें।...