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Showing posts from October, 2022

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वेद क्या है? वेदों के प्रकार और महत्व क्या है?

वेद, विश्व के सबसे पुराने लिखित धार्मिक दार्शनिक ग्रंथ हैं। वेद शब्द संस्कृत भाषा के 'विद' शब्द से बना है, जिसका मतलब है 'ज्ञान'। वेद, वैदिक साहित्य में सबसे महत्वपूर्ण हैं। 1500 और 500 ईसा पूर्व के बीच वैदिक संस्कृत में रचित, वेद हिंदू धर्म के सबसे पुराने ग्रंथ हैं।  वेद क्या है ? वेद चार हैं: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद।  वेदों में देवता, ब्रह्मांड, ज्योतिष, गणित, औषधि, विज्ञान, भूगोल, धर्म, संगीत, रीति-रिवाज आदि जैसे कई विषयों का ज्ञान वर्णित है। वेद इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे किसी मनुष्य द्वारा नहीं बल्कि ईश्वर द्वारा ऋषियों को सुने ज्ञान के आधार पर लिखा गया है. इसलिए भी वेद को 'श्रुति' कहा जाता है।  वेदों को चार प्रमुख ग्रंथों में विभाजित किया गया है और इसमें भजन, पौराणिक वृत्तांत, प्रार्थनाएं, कविताएं और सूत्र शामिल हैं। वेदों के समग्र भाग को मन्त्रसंहिता, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद के रूप में भी जाना जाता है। इनमें प्रयुक्त भाषा वैदिक संस्कृत कहलाती है जो लौकिक संस्कृत से कुछ अलग है। वेदों के संपूर्ण ज्ञान को महर्षि कृष्ण द्वैपाय

10 बिंदुओं से समझे हनुमान जी को | हनुमान गाथा रहस्य

प्रिय भक्तों, आज हम आप सभी के समक्ष भक्त शिरोमणि श्री हनुमान जी महाराज के जीवन से जुड़े हुए कुछ ऐसे रहस्य से पर्दा उठाएंगे जिनके बारे में विस्तार से शास्त्रों में बताया गया है।  10 बिंदुओं में सम्पूर्ण हनुमान गाथा हनुमान जी महाराज भगवान शिव के 11 वें रुद्र अवतार होने के साथ ही साथ भक्तों की श्रेणी में परम पूज्य हैं और सर्वप्रथम उन्हीं का नाम लिया भी जाता है क्योंकि भक्ति की जो पराकाष्ठा शिव अवतार हनुमान ने प्रस्तुत की वैसा उदाहरण आज तक संसार में कोई प्रस्तुत न कर सका।  1. हनुमानजी का जन्म स्थान : हनुमान जी के जन्म स्थान के विषय में भक्तों में काफी मतभेद हैं और इन्ही मतभेदों के बीच में तीन स्थान मुख्य रूप से प्रकट होते हैं जिन स्थानों पर हनुमान जी के जन्म स्थान होने का दावा किया जाता है।   पहला स्थान हम्पी में है। ऐसा माना जाता है कि हम्पी में शबरी के गुरु मतंग ऋषि के आश्रम में हनुमान जी का जन्म हुआ था कुछ लोगों का मानना है कि हनुमान जी का जन्म हरियाणा के कैथल में हुआ था।  कैथल का ही पौराणिक नाम कपिस्थल था अर्थात यहां के राजा हनुमान जी के पिता महाराज केसरी थे क्योंकि वह