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Hanuman Ke Avtar Neem karoli Baba | हनूमान के अवतार नीम करोली बाबा

Neem karoli baba आधुनिक भारत के महान संतो में से एक थे जिनकी दिव्यता की कहानिया आज सारा विश्व जानता है। बाबा सरल ह्रदय और परम शांति से परिपूर्ण थे। महाराज जी को सभी हनुमान जी का अवतार मानते थे। बाबा ने सम्पूर्ण जीवन केवल राम नाम का जाप किया और बाबा ने जहाँ -जहाँ निवास किया वह श्री हनुमान जी के मंदिरो का निर्माण करवाते चले गए। 
बाबा के समकालीन उनके भक्तो द्वारा अनेको दिव्या कथाएं है जिनमें ये सिद्ध होता है की Baba Neem Karoli कोई साधारण पुरुष नहीं थे अपितु वो एक अवतारी पुरुष थे। बाबा ने श्री कैंची धाम को अपना निवास स्थान बनाया और हमेशा के लिए कैची के होकर रह गए। 
एक बार की सत्य घटना आज आप सबके समक्ष प्रस्तुत है जिससे आप सभी को neem karoli baba के अवतारी पुरुष होने का संकेत मिलेगा।
कैची में बाबा एक दिन शंकर प्रसाद व्यास जी के साथ टहल रहे थे । बाबा व्यास जी के कन्धे पर हाथ रख कर चल रहे थे । एकाएक व्यास जी के मन में विचार आया कि लोग बाबा को हनुमान का अवतार कहते है , पर इस बात पर विश्वास कैसे किया जाये ।अभी वे सोच ही रहे थे कि बाबा का कंधे पर रखा हाथँ उनको भारी महसूस होने लगा और धीरे धीरे उसका भार बड़ता ही चला गया । यहाँ तक कि उनका कंधा जवाब देने लगा । हाथ सहज रूप से आपके कन्धे पर पड़ा था उसका आकार भी यथावत था ।
व्यास जी बहूत  परेशान हो गये । प्रेम से रखे इस महान विंभूति के हाथ को हटाने में आपके संकोच हो रहा था , पर उसका भार बड़ता जा रहा था जो आपके सहन से बाहर था । अपनी ऐसी विवशता में आप मन ही मन प्रार्थना करने लगे कि बाबा मूझे मेरी धृष्टता के लिये क्षमा करे । ऐसे कहते ही स्थिति पूर्ववत हो गयी । इस तरह बाबा ने अपना हनुमत रूप दिखा दिया ।
 जय श्री Kainchi Dham की 
जय श्री Neem Karoli Baba की 

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