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कैंची धाम मंदिर देवस्थान

कैंची धाम मंदिर देवस्थान 

पौराणिक काल से ही भारत वर्ष को आर्यवर्त के नाम से जाना जाता है। संपूर्ण आर्यवर्त में सनातन धर्मियो ने समय-समय पर शास्त्रों और वेदों के प्रमाण दिए जिनसे सांसारिक मनुष्यों का मार्ग दर्शन संभव हो सका। इसी भारतवर्ष की परम पावन भूमि पर समय-समय पर अनेकों दिव्य विभूतियों ने अवतार ग्रहण किया। 
समय-समय पर ईश्वर ने संतों के रूप में इस धरती पर अवतार लेकर अपने भक्तों का मार्गदर्शन किया और उनको उचित मार्ग दिखलाया। 

नीम करोली बाबा का कैंची धाम 

यूं तो भारत संतों का देश है फिर भी आज हम जिन संत के बारे में बताने जा रहे हैं वह अपने आप में एक दिव्य विभूति रहे हैं जिनका नाम है परम पूज्य श्री नीम करोली बाबा जी। 
कहते हैं संतो की चरण धूलि जहां पड़ जाए वह स्थान अपने आप में स्वयं पवित्र हो जाता है ठीक उसी प्रकार नीम करोली बाबा ने जिस स्थान पर अपने चरण रखे वह स्थान मंदिर बन गए और आज संपूर्ण विश्व में उन स्थानों पर श्री हनुमान जी महाराज का मंदिर विद्यमान हैं जिनमें से सबसे प्रमुख मंदिर जहां नीम करोली बाबा निवास करते थे उत्तराखंड के भोवाली  के निकट श्री कैंची धाम में पड़ता है। 
श्री कैंची धाम का मंदिर प्राकृतिक वातावरण से ओतप्रोत है। बाबा नीब करोरी स्वयं कहते थे की कैंची धाम के पहाड़ों में दिव्य आत्माओं का निवास है जो यहां के वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रखती हैं। 

15 जून को नीम करोली बाबा का मेला 

परम पूज्य नीम करोली बाबा ने जब से कैंची धाम को अपना निवास स्थान बनाया तब से लेकर आज तक मंदिर के स्थापना दिवस के रूप में प्रति वर्ष 15 जून को भव्य मेले का आयोजन होता है जिसमें देश-विदेश से लाखों भक्त आकर बाबा के मंदिर में प्रसाद ग्रहण करते हैं और बाबा की दिव्य प्रतिमा के दर्शन कर आत्म विभोर हो जाते हैं। 
बाबा के मंदिर के प्रांगण में बाबा के प्रत्येक भक्तों को आत्म शांति का अनुभव प्राप्त होता है। नीम करोली बाबा का नाम और उनकी दिव्यता आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। चाहे एप्पल कंपनी हो या फेसबुक इन सभी कंपनियों के फाउंडर्स ने कभी न कभी नीम करोली बाबा की शरण ली जिसके बाद ही इनको इनके जीवन में कामयाबी हासिल हुई। 
नीम करोली बाबा ने कभी अपने भक्तो के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। हर साल आयोजित होने वाले मेले में हर भक्त को एक भाव से प्रसाद का वितरण किया जाता रहा और आज भी किया जा रहा है। 

श्री कैंची धाम मंदिर में विभिन्न मंदिरो का निर्माण 

नीम करोली बाबा ने जिस जिस स्थान पर अपने चरणों को रखा और जहां जहां वो रुके वह वहां पर अपने कर कमलों से बाबा ने हनुमान जी महाराज के मंदिरों की स्थापना की। उनके जीवन का केवल एक ही मंत्र था राम राम राम राम। बाबा कहते थे कि राम नाम में समस्त सृस्टि समायी हुई है। 
जब आप कैंची धाम में दर्शनों को जाएंगे तो आपको वहां पर माता वैष्णो के दरबार के दर्शन होंगे, शिव परिवार के दर्शन होंगे, राम दरबार दर्शन होंगे और इन सभी मंदिरों के बीच में आपको परम पूज्य श्रद्धेय श्री नीम करोली बाबा के दिव्य मंदिर के दर्शन होंगे और थोड़ी ही दूर पर मंदिर के प्रांगण में ही आपको सिद्धि मां की समाधि के दर्शन होंगे।
शायद इसीलिए आज संपूर्ण विश्व में कैंची धाम को एक देवस्थान के रूप में पूजा जाता है। वहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है और बाबा की कृपा का प्रसाद सिर्फ उसको ही नहीं बल्कि वहां आने वाले हर भक्त के संपूर्ण परिवार को प्राप्त होता है।
बाबा अपनी समाधी से पहले भी चमत्कार दिखाते थे, अपनी कृपा बरसाते थे और अपनी समाधि के पश्चात भी बाबा आज अपनी कृपा दिखाते हैं, अपने चमत्कार दिखाते हैं, अपनी कृपा बरसाते है और अपने भक्तों का अपने बच्चों की तरह  सदैव ख्याल रखते हैं। 
जय श्री कैंची धाम की 
जय श्री नीम करोली बाबा की 
जय हो कैंची धाम मंदिर देवस्थान की 

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