मकर संक्रांति 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और श्री कैंची धाम में इसका महत्व
मकर संक्रांति 2026: कैंची धाम में आध्यात्मिकता और सूर्य उपासना का पावन पर्व
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) भारतीय संस्कृति का वह स्वर्णिम पर्व है जो न केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत देता है, बल्कि हमारे जीवन में नई ऊर्जा और प्रकाश के आगमन का प्रतीक भी है। नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba) के पावन निवास, श्री कैंची धाम (Shri Kainchi Dham) में इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है, जहाँ प्रकृति की गोद में भक्त बाबा के चरणों में शीश नवाकर अपने जीवन के अंधकार को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।
मकर संक्रांति 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti 2026 Date & Time)
इस वर्ष 2026 में मकर संक्रांति की तिथि को लेकर कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार जब सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तभी संक्रांति मनाई जाती है।
* संक्रांति तिथि: 14 जनवरी 2026, बुधवार
* पुण्य काल मुहूर्त: दोपहर 03:13 PM से शाम 05:45 PM तक
* महापुण्य काल: दोपहर 03:13 PM से शाम 04:58 PM तक
विशेष नोट: इस वर्ष मकर संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन स्नान और दान का फल कई गुना बढ़ गया है। खिचड़ी का दान 15 जनवरी को किया जाएगा।
कैंची धाम और मकर संक्रांति का आध्यात्मिक संबंध
महाराज जी (Baba Neem Karoli) हमेशा सादगी और सेवा पर जोर देते थे। कैंची धाम में मकर संक्रांति का पर्व शांति और भक्ति के साथ मनाया जाता है। पहाड़ी क्षेत्र की कड़ाके की ठंड के बीच, भक्त शिप्रा नदी के पवित्र जल में स्नान कर बाबा के दर्शन हेतु कतारबद्ध होते हैं।
इस दिन धाम में खिचड़ी का प्रसाद और तिल-गुड़ का वितरण किया जाता है, जो एकता और मिठास का संदेश देता है। मान्यता है कि संक्रांति के दिन किया गया जप और ध्यान सीधे आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है।
मकर संक्रांति पर क्या करें? (Rituals and Significance)
* पवित्र स्नान: सूर्योदय के समय जल में तिल और गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
* सूर्य अर्घ्य: तांबे के पात्र से भगवान सूर्य को जल अर्पित करें और "ॐ सूर्याय नमः" का जाप करें।
* दान का महत्व: इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी और कंबल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कैंची धाम के अनुयायियों के लिए 'मानव सेवा' ही सबसे बड़ी पूजा है।
* हनुमान चालीसा पाठ: महाराज जी के प्रिय श्री हनुमान जी की आराधना करें।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति हमें सिखाती है कि सूर्य की भांति हमें भी अपने अहंकार को त्याग कर प्रकाश की ओर बढ़ना चाहिए। यदि आप इस पावन अवसर पर श्री कैंची धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो बाबा का आशीर्वाद निश्चित ही आपके जीवन में सुख और समृद्धि लाएगा।
मकर संक्रांति की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ!
नीम करोली बाबा की जय!
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