Skip to main content

You will not go by this bus - Kainchi Dham | तू इस बस से नहीं जायेगा - कैंची धाम |

                                        जय गुरुदेव
!! तुम इस बस से नहीं जाओगे  !!
नीम करोली बाबा की जय। प्रिय गुरु भाइयो और गुरु प्रेमियों आज आप सभी को एक छोटी सी कहानी सुनाने जा रहे है जिसे सुनकर आपको नीम करोली बाबा की सर्वज्ञता का एहसास हो जायेगा। बाबा के चमत्कारों की कहानियो की संख्या अनंत है और उनके व्याख्यान के लिए शब्द काम पद जाते है पर फिर भी महाराज जी की कृपा से जीता हो सकता है उतनी गुरु चमत्कारों की कहानियो का अमृत हम आप सभी को पिलाते रहेंगे। 
Kainchi Dham
कैंची धाम आश्रम में कुछ समय निवास करने के बाद प. शंकर प्रसाद व्यास जी अपने घर बनारस लौटने की तैयारी करने लगे। उन्होंने रेलवे स्टेशन काठगोदाम पहुँचने के लिए एक सुविधाजनक बस भी निश्चित कर ली और बाबा के पास उनका आशीर्वाद लेने उपस्थित हुए। महाराज जी बोले, "तू इस बस से नहीं जायेगा।" पर उसी दिन उन्होंने आप को दूसरी बस से विदा कर दिया। आप कहते हैं कि जिस बस से मैं आना चाहता था, वह रास्ते में मुझे एक दुर्घटना में क्षतिग्रस्त दिखाई पड़ी। महाराज जी के शब्दों की यथार्थता तब मैं समझ पाया।श्री बाबा नीम करौली जी महाराज की सर्वज्ञता सर्व विदित है। अलौकिक यथार्थ से
मुद्रलेखन श्री नीम करौली बाबा जी महाराज भक्त परिवार ,ऋषिकेश द्वारा

Comments

Popular posts from this blog

देवरहा बाबा ने क्या कहा नीम करोली बाबा के बारें में | Devraha Baba Ne Kya Kaha Neem Karoli Baba Ke Bare Mein

साक्षात नारायण मेरे बाबा के बारे मे वो शब्द नही मिलते जिससे महाराज जी के व्यक्तित्व की व्याख्या की जा सके ! (१) देवरहा बाबा जी के अनुसार " नीम करौली जैसे संत कई युगो मे धरती पर आते है। मरे व्यक्ति को प्राण लौटाने की शक्ति नीम करौली जैसे संत के पास ही है। " (२) शिवानन्द आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द जी बाबा को  " पावर आफ पावर्स " और""  लाईट आफ लाईटस " कहा करते थे।  (३) करपात्री महाराज के अनुसार " संत तो कई हुये पर सिद्ध संत नीम करौली बाबा ही हुये।   पर सत्य तो ये है की अपने भक्त के लिये तो बाबा भगवान थे। बाबा के दर्शन करने के बाद बाबा के भक्त भगवान् को भी भूल जाते थे क्योकि उन भक्तो को बाबा में ही भगवान् दिखने लग जाते थे। कोई उन्हे भोले बाबा , कोई कम्बल वाले बाबा , कोई हनुमान बाबा , कोई संकट हरने वाले बाबा , कोई जीवन देने वाले बाबा , कहा करते थे।  जिससे जिस रूप मे बाबा मिलते थे , वे बाबा को उसी नाम से पुकारता था। पर हमे तो वो नीम करोली बाबा के रूप मे मिले तो हमे सबसे प्रिय रूप बाबा का ही लगा , जय श्री कैंची धाम की  ज

लंदन में नीम करोली बाबा के दर्शन | London mein neem karoli baba ke darshan

लंदन में नीम करोली बाबा के दर्शन | London mein neem karoli baba ke darshan ये अद्भुत घटना लंदन में घटे एक चमत्कार की है जिसने उस विदेशी भक्त के ह्रदय में भक्ति का संचार कर दिया।  हीथर थॉम्पसन (ब्रिटेन) से बताते है की  एक दिन मैं डबल डेकर बस से लंदन में यात्रा कर रहा था।  मैं प्रवेश द्वार के पास ही बैठा हुआ था।  बस का कंडक्टर ऊपरी डेक पर था। बस लगभग पूरी खाली थी।  इतने में बस एक जगह रुकी और एक भिखारी बस में सवार हुआ।  उसने बेहद फटे हुवे कपडे पहन रखे थे और उसके हाथ में एक नीला और एक लाल कंबल था।  वह मेरे सामने आकर खड़ा हो गया और बहुत ही अच्छी मुस्कुराहट से मेरी तरफ देखने लगा।  मानों वह मेरी बगल वाली सीट पर बैठना चाहता था।  मैं एक तरफ खिसक गया और वह आदमी मेरी बगल में बैठ गया।  मैं अपना मुंह घुमाकर खिड़की की तरफ देखने लगा।  खिड़की की तरफ देखते हुए मुझे उस बुजुर्ग आदमी के बारे में सोचते हुए उसकी मोहक मुस्कान याद आ रही थी। अचानक मेरे मन में महाराजजी अर्थात  नीम करोली बाबा  के बारे में विचार आने लगा। उनके बारे मैंने सुन रखा था कि वे भी एक बुजुर्ग आदमी हैं जो कंबल रखते हैं। 

Khul gaya Kainchi Dham -Neem Karoli Baba

खुल गया कैंची धाम मंदिर, मंदिर परिसर में करना होगा इन नियमों का पालन उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम के कपाट 1 जुलाई, बुधवार से खोल दिए गए हैं। भक्तों के लिए 24 मार्च से कैंची धाम के कपाट बंद कर दिए गए थे। एक बार फिर से कपाट खुलने से यहां पर भक्तों का आगमन शुरू हो जाएगा। कैंची धाम की बहुत मान्यता हैं, यहां पर देश- विदेश से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता है। यहां आने मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। हर साल 15 जून को लगता है भव्य भंडारा हर साल 15 जून को कैंची धाम में विशेष भंडारा लगता है। 15 जून को कैंची धाम के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। बाबा नीब करौरी महाराज जी ने 15 जून 1964 को कैंची धाम में हनुमान जी की प्रतिमा की प्रतिष्ठा की थी। इस दिन देश-विदेश से यहां लोग बाबा के दर्शन करने और पावन प्रसाद को ग्रहण करने आते हैं। इस बार कोरोना वायरस की वजह से यहां पर भव्य भंडारे का आयोजन नहीं किया गया था। नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य दर्शन का समय कैंची धाम के कपाट भक्तों के लिए 1 जुलाई से