Skip to main content
Independent Devotee-Run Website ShriKainchiDham.org is an independent informational and devotional blog created by devotees of Neem Karoli Baba. It is not the official website of Shri Kainchi Hanuman Mandir Trust.
Official Temple Website

Most Popular Post

कैंची धाम और चार धाम यात्रा पैकेज 2026: कम खर्च में कैसे करें प्लान? (टूर पैकेज और हेलीकॉप्टर बुकिंग)

दवा पिला दे - श्री कैंची धाम | Dawa pila de - Shri Kainchi Dham

                    दवा पिला दे - श्री कैंची धाम | Dawa pila de - Shri Kainchi Dham
अल्मोड़ा में एक दिन दिवाकर पंत बहुत बुरी तरह बीमार हो गये। आधी रात होते-होते उनकी हालत बहुत नाजुक हो गयी। पहाड़ में इतनी रात किसी डॉक्टर को बुलाना भी संभव नहीं था। सब सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उनकी पत्नी रोते-रोते बदहवास होकर गिर पड़ीं। सभी चिंतित हो उठे।
Neem Karoli Baba
तभी उन्होंने महसूस किया जैसे महाराज जी उनका कंधा पकड़कर हिला रहे हैं और एक दवा की तरफ इशारा करते हुए कह रहे हैं कि, "वो दवा पिला दे ठीक हो जाएगा।"
उन्हें यह सोचने का भी होश नहीं था कि, अचानक बाबाजी कब आ गये ? कमरे में उनके अलावा किसी और ने बाबाजी को देखा भी नहीं। वे उठीं और बाबाजी ने जिस दवा की तरफ इशारा किया था वह दवा पिला दी। दवा देते ही दिवाकर पंत के व्यवहार में अजीब सा बदलाव आ गया। वे हिंसक हो गये और अनाप-शनाप बकने लगे। ऐसे लग रहा था जैसे उनके दिमाग का संतुलन बिगड़ गया है। सब उनकी पत्नी के व्यवहार को कोस रहे थे कि बिना जाने समझे उसने कौन सी दवा दे दी। खुद उनकी पत्नी को भी पता नहीं था कि उन्होंने कौन सी दवा दे दी है। उन्हें न दवा का नाम पता था और न डोज।
खैर, अगली सुबह डॉ खजानचंद आये। रोगी की जांच करने के बाद उन्होंने वह सब वाक्या बड़े धैर्य से सुना जो रात में घटित हुआ था। उन्होंने 'कोरोमिन' नामक दवा की वह शीशी भी देखी जिसमें से रात में रोगी को उनकी पत्नी ने दवा पिलाई थी। सब सुनने के बाद उन्होंने दिवाकर पंत की पत्नी से पूछा, "बेटी तुमने यह दवा क्यों दी ?"
मारे शर्म और अपराधबोध के वो कोई जवाब न दे सकीं। बस बुरी तरह रोये जा रही थी। तब डॉक्टर ने उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि, "यह दवा देकर तुमने अपने पति की जान बचा ली। उस वक्त सिर्फ यही एक दवा थी जो रोगी को दी जा सकती थी।" डॉक्टर ने कहा, "अब वे ठीक हो जाएंगे। घबराने की कोई बात नहीं है।"
श्री नीम करौली बाबा जी की सर्वव्यापकता का ज्ञान सर्वविदित है।
जय श्री कैंची धाम की
जय श्री नीम करोली बाबा

Share This Article

Help others discover and share this article.

Comments

Popular posts from this blog

विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र | 1000 नाम हिंदी अर्थ सहित | Vishnu Sahasranamam

विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम Vishnu Sahasranamam Stotram ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः प्रिय भक्तों, विष्णु सहस्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु (नारायण) के एक हजार दिव्य नामों का पवित्र संग्रह है। महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया यह स्तोत्र हिन्दू धर्म के सर्वाधिक प्रभावशाली एवं लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से मानसिक शांति, पापों का नाश, बृहस्पति ग्रह की शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष मार्ग खुलता है। श्रद्धा एवं शुद्ध भाव से किया गया पाठ ही सबसे बड़ा फल देता है। विष्णु सहस्रनाम पाठ के लाभ मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं यश, सुख, ऐश्वर्य, आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति बिगड़े कार्यों में सफलता कुंडली में बृहस्पति के दुष्प्रभाव का शमन भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति सभी ग्रहों एवं नक्षत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पाठ के नियम पाठ से पहले स्नान कर पवित्र रहें सात्विक व्रत रखकर पाठ करें पीले वस्त्र धारण करें भगवान विष्णु की विधिवत पूजा क...

Panch Mukhi Hanuman: ॐ नमो हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा का अर्थ

  Sankat Mochan Hanuman भक्ति का स्वरूप, भक्ति का ज्ञान हमें श्री हनुमान जी महाराज से सीखना चाहिए। हनुमान जी महाराज ने भक्ति के द्वारा श्री राम को प्राप्त कियाऔर श्री राम के वरदान स्वरुप समस्त संसार में हनुमान जी की आराधना, उनकी जय जयकार और उनकी प्रतिष्ठा संपन्न हो सकी।  शास्त्रों की माने तो हनुमान जी महाराज भगवान शिव अर्थात महा रूद्र के 11 में रुद्र अवतार हैं और उन्हें शिव स्वरूप भी माना जाता है अर्थात हनुमान जी महाराज स्वयं महादेव के ही अवतार हैं। अतः जब कोई संकट किसी भी प्राणी को महसूस होता है तो वह संकट से छुटकारा पाने के लिए अपनी श्री हनुमान जी महाराज की शरण लेता है और उनसे उस संकट को दूर करने की प्रार्थना करता है। हनुमान जी महाराज अत्यंत ही दयालु हैं। वह अपने शरणागत की रक्षा अवश्य करते हैं। हम सभी को उनके दिव्य मंत्रो के द्वारा उनको प्रसन्न करके उनसे अपनी रक्षा की प्रार्थना करनी चाहिए।   हनुमान जी के भक्तों के द्वारा हनुमान जी को अनेको नाम से संबोधित किया जाता है।  वीर हनुमान, राम भक्त, शिव अवतार, मारुति नंदन, महावीर ये सभी नाम भजरंग बलि के ही है पर इन सभी...

नीब करोरी और नीम करोली में क्या अंतर है? | Neeb Karori Baba

आज के समय में जब भी अध्यात्म, ईश्वर भक्ति और असीम कृपा की बात होती है, तो श्री कैंची धाम (Shri Kainchi Dham) के संस्थापक और कलयुग में भगवान श्री हनुमान जी के साक्षात अवतार माने जाने वाले श्री नीम करोली बाबा जी (Neem Karoli Baba) का नाम सबसे पहले आता है। भारत के छोटे से गाँव से लेकर अमेरिका की सिलिकॉन वैली (Silicon Valley) तक—एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स (Steve Jobs), मेटा के मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg), हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स और प्रसिद्ध अमरीकी लेखक बाबा राम दास तक—करोड़ों लोग महाराज जी के चरणों में नतमस्तक हैं। "बाबा जी का सही नाम क्या है—नीब करोरी (Neeb Karori) या नीम करोली (Neem Karoli)? इन दोनों नामों के बीच का असली अंतर और इतिहास क्या है?" यदि आपके मन में भी इस नाम को लेकर कोई भ्रम है, तो यह विस्तृत और शोध-आधारित लेख आपके सभी संशयों को हमेशा के लिए समाप्त कर देगा। आइए, महाराज जी के विभिन्न स्वरूपों, उनके जीवन की पावन यात्रा और इस नामकरण के पीछे छिपे आध्यात्मिक तथा ऐतिहा...