नीम करोली बाबा की अनुकम्पा | Neem Karoli Baba Ki Anukampa

 नीम करोली बाबा की अनुकम्पा | Neem Karoli Baba Ki Anukampa
श्रीमती गिरजा देवी, रानी भद्री बाबा के प्रति अपना आभार प्रकट करते हुए कहती हैं कि श्रीचरणों की महान अनुकम्पा मेरे ऊपर हमेशा बनी रही और मुझे उनके दर्शन सुलभ होते रहे। जब राजा भद्री कुलपति होकर पन्तनगर विश्वविद्यालय में आये तो मैं भी उनके साथ थी। कुछ दिनों बाद मेरी माँ की तबीयत बहुत खराब हो गई। इससे मैं अत्यंत चिन्तित हो उठी और उस परेशानी में रोने लगी। उसी समय नीम करोली बाबा ने मुझे परेशानी से मुक्त किया और बोले, "रो मत, तेरी माँ ठीक हो जायेगी।"
Neem Karoli Baba
इसी प्रकार सन् 1964 में मेरी लड़की अलका की शादी हो रही थी। उस समय भी मैं बड़ी परेशानी में थी, तभी आराध्यदेव श्री महाराज जी बिना किसी पूर्व सूचना के लखनऊ मेरी कोठी में पहुँच गये और लड़की को आशीर्वाद देकर चले गए। मेरी समस्त परेशानियां स्वतः गायब हो गई और विवाह कार्य बहुत सुख और शान्ति से पूर्ण हुआ।
श्री बाबा नीम करौली जी महाराज करूणा के सागर और कृपा की मूर्ति है। बाबा अपने भक्तो पर अपनी स्नेहपुर्नत दृष्टि सदैव बनाए रखते है। नीम करोली बाबा तो त्रिकालदर्शी है जो आज भी समाधिस्थ होने के बाद भी निरंतर अपने भक्तो की पुकार अनवरत सुनते आए रहे है ।
।। जय श्री नीम करोली बाबा की ।।
।। है श्री कैंची धाम की ।।

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