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Showing posts from October, 2019

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कैंची धाम और चार धाम यात्रा पैकेज 2026: कम खर्च में कैसे करें प्लान? (टूर पैकेज और हेलीकॉप्टर बुकिंग)

आई मौत टल गई - श्री कैंची धाम | Aayi maut tal gayi -Shri Kainchi Dham

आई मौत टल गई - श्री कैंची धाम  |  Aayi maut tal gayi -Shri Kainchi Dham नीम करोली बाबा की कृपा से पूरे विश्व के अनगिनत भक्तो के जीवन में चमत्कार हुवे और उनमें से बहुत के प्राणों की रक्षा भी स्वयं बाबा ने कि । इसी संदर्भ में आज हम आपको एक सत्य घटना बताने जा रहे है जिसे जानकर आपको ये पूर्ण विश्वास हो जाएगा कि महाराज जी अर्थात नीम करोली बाबा के लिए कुछ भी असंभव नहीं था । हेमदा का बड़ा पुत्र, रब्बू (रविन्द्र कुमार जोशी) तब जमशेदपुर में विजय मशीनरी (उषा सेल्स) में सेल्स - ब्रांच में था। सेल्स के सिलसिले में वह राँची गया था। अपने काम के बाद एक साझे की टैक्सी से वह जमशेदपुर वापिस आ रहा था। चाईबासा से काफी पहले टैक्सी का ब्रेक फेल हो गया और उस पहाड़ी ढाल वाली सड़क पर टैक्सी बिना ब्रेक -क्लच के ट्रोल के नीचे को दौड़ पड़ी - तेज, और तेज। स्थिति समझकर 21 - 22 वर्ष का रब्बू जोर से चिल्ला उठा, महाराज ! उसका इस तरह चिल्लाना था कि एक चौड़े मोड़ पर टैक्सी एकाएक घूमकर चक्कर लगाने लगी जबकि सरदार ड्राइवर उसे केवल मोड़ पर स्टीयरिंग घुमाकर नीचे जाती सड़क पर लाना चाहता था - नीचे खड्ड में गिरने से बच...

Kainchi dham ke bhagwan - Shri Kainchi Dham | कैंची धाम के भगवन - श्री कैंची धाम

 कैंची धाम के भगवन - श्री कैंची धाम श्री कैंची  धाम में ऐसा क्या था की आज सारी दुनिया श्री कैंची धाम की ओर आकर्षित हो रही है। होने को तो वो सिर्फ एक हनुमान मंदिर ही था पर उसका इतना प्रभाव कैसे हुवा की दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति भी श्री कैंची धाम के कायल हो गए। आज इस अद्भुत सत्य को जानिये की श्री कैंची धाम अपने दिव्य हनुमान मंदिर के साथ अपने दिव्य अवतार , हनुमत स्वरुप परम पूज्य नीम करोली बाबा के लिए जाना जाता है।  पूज्य नीम करोली बाबा भक्तवत्सल ,परम कृपालु और करुणा से ओत प्रोत महान संत थे । उनके हृदय में सम्पूर्ण मानव जाति ही नहीं अपितु संसार के प्रत्येक प्राणी के लिए अपार प्रेम निहित था।  आज हम आपको एक जीवंत प्रमाण देने जा रहे है  जब बाबा स्वयं विद्यालय जा पहुंचे एक भक्त की लड़की की  फीस जमा करने।  टीटागढ़ पेपर कम्पनी  के मैनेजर के सहायक श्री एम.बी.लाल नीम करोली बाबा  के बड़े  भक्त थे। बाबाजी उन्हें रमेश नाम से पुकारते थे । एक बार बाबाजी के कानपुर आगमन पर वह जानकारी  मिलते ही सब कार्य छोड़...

हनुमान के अवतार नीम करोली बाबा - श्री कैंची धाम | Hanuman Ke Avtar Neem Karoli Baba

Neem Karoli Baba आज पुरे विश्व में पूज्य श्री नीम करोली बाबा जी के असंख्य भक्त है और उनमें से ज़्यादातर भक्तो का मानना है की श्री नीम करोली बाबा श्री हनुमान जी के अवतार थे क्योकि बाबा की जीवन शैली और उनके   चमत्कार इस बात का प्रमाण देते है की उनका सम्बन्ध साक्षात् श्री हनुमान जी से था। इसी तथ्य  के प्रमाण के रूप में आज एक घटना का जिक्र हो रहा है।  कैंची धाम में बाबा एक दिन शंकर प्रसाद व्यास जी के साथ टहल रहे थे । बाबा व्यास जी के कन्धे पर हाथ रख कर चल रहे थे । एकाएक व्यास जी के मन में विचार आया कि लोग कहते है की बाबा को हनुमान के अवतार  है , पर इस बात पर विश्वास कैसे किया जाये । अभी वे सोच ही रहे थे कि बाबा का कंधे पर रखा हाथँ उनको भारी महसूस होने लगा और धीरे-धीरे उसका भार बड़ता ही चला गया । यहाँ तक कि उनका कंधा जवाब देने लगा । हाथ सहज रूप से आपके कन्धे पर पड़ा था उसका आकार भी यथावत था ।  व्यास जी बहूत  परेशान हो गये । प्रेम से रखे इस महान विंभूति के हाथ को हटाने में व्यास जी को संकोच हो रहा था , पर उसका भार बड़ता जा...

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विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र | 1000 नाम हिंदी अर्थ सहित | Vishnu Sahasranamam

विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम Vishnu Sahasranamam Stotram ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः प्रिय भक्तों, विष्णु सहस्रनाम भगवान श्री हरि विष्णु (नारायण) के एक हजार दिव्य नामों का पवित्र संग्रह है। महाभारत के अनुशासन पर्व में भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को सुनाया गया यह स्तोत्र हिन्दू धर्म के सर्वाधिक प्रभावशाली एवं लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है। नियमित पाठ से मानसिक शांति, पापों का नाश, बृहस्पति ग्रह की शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष मार्ग खुलता है। श्रद्धा एवं शुद्ध भाव से किया गया पाठ ही सबसे बड़ा फल देता है। विष्णु सहस्रनाम पाठ के लाभ मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं यश, सुख, ऐश्वर्य, आरोग्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति बिगड़े कार्यों में सफलता कुंडली में बृहस्पति के दुष्प्रभाव का शमन भौतिक एवं आध्यात्मिक उन्नति सभी ग्रहों एवं नक्षत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पाठ के नियम पाठ से पहले स्नान कर पवित्र रहें सात्विक व्रत रखकर पाठ करें पीले वस्त्र धारण करें भगवान विष्णु की विधिवत पूजा क...

हनुमान वडवानल स्रोत महिमा - श्री कैंची धाम | Hanuman Vadvanal Stotra Mahima - Shri Kainchi Dham

हनुमान वडवानल स्रोत महिमा - श्री कैंची धाम | Hanuman Vadvanal Stotra Mahima - Shri Kainchi Dham   श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र की रचना त्रेतायुग में लंका अधिपति रावण के छोटे भाई विभीषण जी ने की थी। त्रेतायुग से आज तक ये मंत्र अपनी सिद्धता का प्रमाण पग-पग पे देता आ रहा है।  श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र के जाप से बड़ी से बड़ी समस्या भी टल जाती है। श्री हनुमान वडवानल स्रोत का प्रयोग अत्यधिक बड़ी समस्या होने पर ही किया जाता है। इसके जाप से बड़ी से बड़ी समस्या भी टल जाती है और सब संकट नष्ट होकर सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।  श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र के प्रयोग से शत्रुओं द्वारा किए गए पीड़ा कारक कृत्य अभिचार, तंत्र-मंत्र, बंधन, मारण प्रयोग आदि शांत होते हैं और समस्त प्रकार की बाधाएं समाप्त होती हैं। पाठ करने की विधि शनिवार के दिन शुभ मुहूर्त में इस प्रयोग को आरंभ करें। सुबह स्नान-ध्यान आदि से निवृत्त होकर हनुमानजी की पूजा करें, उन्हें फूल-माला, प्रसाद, जनेऊ आदि अर्पित करें। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक जलाकर लगातार 41 दिनों तक 108 बार पाठ करें।...

Panch Mukhi Hanuman: ॐ नमो हरि मर्कट मर्कटाय स्वाहा का अर्थ

  Sankat Mochan Hanuman भक्ति का स्वरूप, भक्ति का ज्ञान हमें श्री हनुमान जी महाराज से सीखना चाहिए। हनुमान जी महाराज ने भक्ति के द्वारा श्री राम को प्राप्त कियाऔर श्री राम के वरदान स्वरुप समस्त संसार में हनुमान जी की आराधना, उनकी जय जयकार और उनकी प्रतिष्ठा संपन्न हो सकी।  शास्त्रों की माने तो हनुमान जी महाराज भगवान शिव अर्थात महा रूद्र के 11 में रुद्र अवतार हैं और उन्हें शिव स्वरूप भी माना जाता है अर्थात हनुमान जी महाराज स्वयं महादेव के ही अवतार हैं। अतः जब कोई संकट किसी भी प्राणी को महसूस होता है तो वह संकट से छुटकारा पाने के लिए अपनी श्री हनुमान जी महाराज की शरण लेता है और उनसे उस संकट को दूर करने की प्रार्थना करता है। हनुमान जी महाराज अत्यंत ही दयालु हैं। वह अपने शरणागत की रक्षा अवश्य करते हैं। हम सभी को उनके दिव्य मंत्रो के द्वारा उनको प्रसन्न करके उनसे अपनी रक्षा की प्रार्थना करनी चाहिए।   हनुमान जी के भक्तों के द्वारा हनुमान जी को अनेको नाम से संबोधित किया जाता है।  वीर हनुमान, राम भक्त, शिव अवतार, मारुति नंदन, महावीर ये सभी नाम भजरंग बलि के ही है पर इन सभी...